रेनो इंडिया को नई ‘डस्टर’ के सहारे मजबूत स्थिति हासिल करने का भरोसाः प्रबंध निदेशक
रेनो इंडिया को नई ‘डस्टर’ के सहारे मजबूत स्थिति हासिल करने का भरोसाः प्रबंध निदेशक
(प्रेम कांत सिंह)
चेन्नई, 27 जनवरी (भाषा) वाहन विनिर्माता रेनो इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) वेंकटराम ममिल्लापल्लै ने मंगलवार को कहा कि कंपनी को अपनी पुरानी मिड-साइज एसयूवी ‘डस्टर’ को दोबारा पेश करके भारतीय बाजार में कड़ी चुनौती पेश करने और आने वाले समय में एक प्रमुख वाहन कंपनी बनकर उभरने का भरोसा है।
फ्रांसीसी कार विनिर्माता रेनो ग्रुप की भारतीय इकाई रेनो इंडिया ने एक दिन पहले ही डस्टर को पूरी तरह नए अवतार में पेश किया। इसके साथ ही 2022 में बंद हो चुके मॉडल की वापसी हो गई है।
ममिल्लापल्लै ने डस्टर के दम पर मिड-साइज एसयूवी खंड में अपनी खोई जगह वापस पाने और एक प्रमुख ब्रांड बनने का भरोसा जताते हुए कहा कि यह सभी मौजूदा मॉडल के समक्ष एक चुनौती पेश करेगा।
ममिल्लापल्लै ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ खास बातचीत में कहा कि डस्टर मॉडल को रेनो ने भारतीय ग्राहकों की जरूरतों एवं आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया है और यह बहुत जल्द अपनी जगह बनाने में सफल रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ डस्टर ने ही भारत में एसयूवी खंड की शुरुआत की थी और अब यह एक बार फिर नए मानक स्थापित करेगा। हमें यकीन है कि आधुनिक खूबियों एवं दमदार इंजन से लैस नया संस्करण लोगों को पसंद आएगा। सात साल की वारंटी के साथ आने वाला यह मॉडल प्रतिद्वंद्वियों के सामने कड़ी चुनौती पेश करने जा रहा है। सच तो यह है कि हम इस खंड का अगुवा बनाना चाहते हैं। ’’
मझोले आकार वाले एसयूवी के खंड में फिलहाल हुंदै के क्रेटा और किआ के सल्टोस मॉडल का खासा दबदबा है। इनके अलावा ग्रांड विटारा, हाइराइडर, कुशाक, टाइगुन एवं एलिवेट मॉडल भी इस खंड में अच्छी मौजूदगी है।
ऐसी स्थिति में रेनो इंडिया के समक्ष चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर ममिल्लापल्लै ने कहा, “हमने डस्टर को सभी मौजूदा मॉडल में मिल रही खूबियों एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ पेश किया है। हमारे पास डस्टर के रूप में एक स्थापित नाम है और उसके पुराने डीएनए पर ही हमने नई डस्टर को विकसित किया है।’’
उन्होंने कहा कि टर्बो इंजन के अलावा हाइब्रिड इंजन का विकल्प भी इस मॉडल को ग्राहकों की पसंद बनाने में मदद करेगा।
कंपनी ने अभी तक इसकी कीमतों की घोषणा नहीं की है। हालांकि ममिल्लापल्लै ने कीमतों के बारे में कहा कि कंपनी डस्टर की कीमत मौजूदा बाजार के अनुरूप तय करेगी ताकि यह बाजार में इस खंड में पहले से मौजूद मॉडल को चुनौती दे सके।
ममिल्लापल्लै ने कहा, “यह भारतीय बाजार में अब तक का सर्वाधिक सक्षम हाइब्रिड इंजन है जो 80 प्रतिशत तक बैटरी से चल सकता है। इस साल के अंत तक हाइब्रिड इंजन से लैस डस्टर भारतीय बाजार में आ जाएगा।“
उन्होंने कहा कि डीजल इंजन को लेकर सरकार के रुख और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी लागत एवं चार्जिंग अवसंरचना जैसी समस्याओं को देखते हुए आज के समय में हाइब्रिड वाहन ही सबसे अच्छा समाधान है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक ने कहा कि नई पेशकश रेनो इंडिया की बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाने में काफी मदद करेगी। फिलहाल इसकी हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है लेकिन अपनी ‘अंतरराष्ट्रीय गेम प्लान 2027’ के तहत कंपनी घरेलू बिक्री बढ़ाने के साथ निर्यात संभावनाओं पर भी गौर कर रही है।
उन्होंने कहा, “फिलहाल हमारी दक्षिण अफ्रीका के बाजार में इस मॉडल के निर्यात की योजना है। इसके अलावा भारत-यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते से भी निर्यात को लेकर स्थिति काफी हद साफ हो जाएगी।“
ममिल्लापल्लै ने कहा कि रेनो इंडिया का चेन्नई विनिर्माण संयंत्र चार लाख वाहनों के विनिर्माण की वार्षिक क्षमता रखता है और डस्टर के उत्पादन में 88 प्रतिशत काम स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है।
उन्होंने हालांकि यह स्वीकार किया कि कंपनी को भारतीय बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिए डीलरों का नेटवर्क बढ़ाना होगा। इसे देखते हुए कंपनी आने वाले एक साल में खासकर उत्तर भारतीय बाजार में अपने डीलरशिप नेटवर्क के विस्तार पर ध्यान देगी।
ममिल्लापल्लै ने कहा, “हम यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि अब रेनो की तरफ से हर साल कोई नया उत्पाद पेश होगा या फिर मॉडलों का उन्नत संस्करण पेश किया जाएगा।’’
कंपनी फिलहाल क्विड, ट्राइबर और काइगर मॉडलों की बिक्री करती है लेकिन नई डस्टर के आने से उसे अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा कंपनी ने अगले साल डस्टर के ही प्लेटफॉर्म पर आधारित एक बड़ी एसयूवी पेश करने की योजना बनाई है।
भाषा प्रेम निहारिका रमण
रमण


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