नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ लिमिटेड और सिंगापुर के सॉवरेन संपदा कोष जीआईसी के संयुक्त उद्यम डीएलएफ साइबर सिटी डेवलपर्स लिमिटेड की कार्यालय एवं खुदरा परिसरों से किराया आय वित्त वर्ष 2025-26 में 16 प्रतिशत बढ़कर 5,525 करोड़ रुपये हो गई।
भारत की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ लिमिटेड ने अपनी किराये पर देने वाली वाणिज्यिक (कार्यालय एवं खुदरा) परिसंपत्तियों का बड़ा हिस्सा (90 प्रतिशत) संयुक्त उद्यम कंपनी डीएलएफ साइबर सिटी डेवलपर्स लिमिटेड (डीसीसीडीएल) में रखा हुआ है।
डीएलएफ की डीसीसीडीएल में लगभग 67 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि शेष इक्विटी हिस्सेदारी सिंगापुर की जीआईसी के पास है।
डीएलएफ की नवीनतम निवेशक प्रस्तुति के अनुसार, डीसीसीडीएल की कार्यालय किराया आय गत वित्त वर्ष में 17 प्रतिशत बढ़कर 4,550 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 में 3,874 करोड़ रुपये थी। खुदरा परिसरों से किराया आय 11 प्रतिशत बढ़कर 975 करोड़ रुपये हो गई जो पहले 880 करोड़ रुपये थी।
कंपनी के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (किराया कारोबार) श्रीराम खट्टर ने कहा, ‘‘ वित्त वर्ष 2025-26 में डीसीसीडीएल ने मजबूत प्रदर्शन किया, जो हमारे उच्च गुणवत्ता वाले किराया खंड की स्थिरता और कार्यालय एवं खुदरा व्यवसाय में अनुशासित क्रियान्वयन से समर्थित है।’’
उन्होंने कहा कि डीसीसीडीएल की परिसंपत्तियों में मांग का मजबूत रुझान बना रहा जो स्वस्थ नकदी सृजन में दिखाई देता है।
डीएलएफ मुख्य रूप से आवासीय संपत्तियों के विकास तथा बिक्री और वाणिज्यिक एवं खुदरा परिसंपत्तियों के विकास और पट्टे (लीज) के व्यवसाय में है।
भाषा निहारिका अजय
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