एआई को जिम्मेदारी के साथ अपनाना विकसित भारत के लिए जरूरी:मोदी

एआई को जिम्मेदारी के साथ अपनाना विकसित भारत के लिए जरूरी:मोदी

एआई को जिम्मेदारी के साथ अपनाना विकसित भारत के लिए जरूरी:मोदी
Modified Date: June 26, 2026 / 01:52 pm IST
Published Date: June 26, 2026 1:52 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) को जिम्मेदारी के साथ और समावेशी तरीके से अपनाना भारत की विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा उद्योगों को नया स्वरूप दे रही है और उत्पादकता तथा नवाचार के नए अवसर पैदा कर रही है।

भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) की ओर से आयोजित ‘एआई इनोवेशन समिट’ को भेजे अपने संदेश में मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी की प्रगति के कारण लेखांकन और वित्तीय पेशे में भी तेजी से बदलाव आ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ जब एआई-आधारित उपकरणों का जिम्मेदारी से और मानवीय विवेक के साथ उपयोग किया जाता है, तो वे कार्यकुशलता बढ़ा सकते हैं। साथ ही अनुपालन को मजबूत कर सकते हैं, बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं और पेशेवरों को अधिक मूल्य प्रदान करने में सक्षम बना सकते हैं।’’

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार से शुरू हुए दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया गया।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कृत्रिम मेधा (एआई) को जिम्मेदारी के साथ तथा समावेशी तरीके से अपनाना और भी महत्वपूर्ण होता जाएगा।

सरकार वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के व्यापक प्रयासों के तहत विभिन्न पहल कर रही है।

मोदी ने देश की प्रगति में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) समुदाय के अमूल्य योगदान की भी सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘ जैसे-जैसे भारत एआई युग के अवसरों को अपना रहा है, मुझे विश्वास है कि सीए समुदाय वित्तीय क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का नेतृत्व करते हुए ईमानदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देता रहेगा। ’’

संसद के एक अधिनियम के तहत स्थापित भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) के पांच लाख से अधिक सदस्य हैं।

भाषा निहारिका

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