रुपया एक पैसे की बढ़त के साथ 83.37 प्रति डॉलर पर

रुपया एक पैसे की बढ़त के साथ 83.37 प्रति डॉलर पर

रुपया एक पैसे की बढ़त के साथ 83.37 प्रति डॉलर पर
Modified Date: December 5, 2023 / 09:49 pm IST
Published Date: December 5, 2023 9:49 pm IST

मुंबई, पांच दिसंबर (भाषा) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को एक पैसे की बढ़त के साथ 83.37 पर बंद हुआ। विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा के मजबूत रुख और सेवा क्षेत्र के निराशाजनक आंकड़ों के बीच सीमित कारोबार में रुपये में हल्की तेजी आई।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि सीमित दायरे में हुए कारोबार के बीच घरेलू बाजारों में तेजी के माहौल और कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने से रुपये को थोड़ा समर्थन मिला।

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अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले अबतक के सबसे निचले स्तर 83.41 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 83.41 के निचले और 83.37 प्रति डॉलर के ऊपरी स्तर पर रहा। अंत में यह एक पैसे की बढ़त के साथ 83.37 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ।

रुपया सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 83.38 पर बंद हुआ था।

शेयरखान बाय बीएनपी परिबा के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि अमेरिकी डॉलर में सकारात्मक रुख और कमजोर वैश्विक बाजारों के साथ रुपया हल्का नीचे रह सकता है। हालांकि, ताजा विदेशी पूंजी प्रवाह और कच्चे तेल के दाम में नरमी के रुख से रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिलने की उम्मीद है।’’

उन्होंने कहा कि निवेशक आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले सतर्क रुख अपना सकते हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक इस सप्ताह शुक्रवार को मौद्रिक नीति पेश करेगा।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत कमजोर होकर 103.63 पर आ गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 5,223.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियां नवंबर में एक साल के निचले स्तर पर आ गईं। नए आर्डर और काम पूरा करने की धीमी रफ्तार के कारण यह गिरावट आई है। एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई है।

मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल भारत सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक नवंबर में एक साल के निचले स्तर 56.9 पर आ गया। यह अक्टूबर में 58.4 था। मासिक आधार पर गिरावट के बावजूद, विस्तार की दर इसके दीर्घकालिक औसत से अधिक मजबूत है।

भाषा रमण अजय

अजय


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