मुंबई, 12 जनवरी (भाषा) रुपया सोमवार को निचले स्तर से उबरते हुए अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले एक पैसे की बढ़त के साथ 90.16 पर बंद हुआ। अमेरिकी मुद्रा के कमजोर होने तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने से रुपया लाभ में रहा।
विदेशी मुद्रा विश्लेषकों ने कहा कि भारत में अमेरिका के नए दूत सर्जियो गोर के उस बयान के बाद शेयर बाजार की धारणा में भी सुधार हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
हालांकि, अस्थिर भू-राजनीतिक स्थिति ने घरेलू मुद्रा को दबाव में रखा, जिससे इसमें सुधार सीमित रहा। इसके अलावा, कारोबारी इस सप्ताह जारी होने वाले घरेलू और अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों का इंतजार भी कर रहे हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.23 पर खुला और कारोबार के दौरान मजबूत होकर 90.13 तक पहुंच गया। रुपये ने डॉलर के मुकाबले महज एक पैसे की बढ़त के साथ 90.17 पर बंद होने से पहले 90.25 का निचला स्तर भी छुआ।
रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे गिरकर 90.18 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपया कमजोरी के साथ खुला, लेकिन घरेलू बाजारों में उछाल आने पर इसमें सुधार हुआ।
उन्होंने कहा, ”कारोबारियों का ध्यान अब अमेरिका और भारत के मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर है। डॉलर के मुकाबरे रुपये की हाजिर कीमत 89.90 रुपये से 90.60 रुपये के दायरे में रहने की उम्मीद है।”
इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.55 पर था।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.16 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक 301.93 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 83,878.17 अंक पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 106.95 अंक की मजबूती दर्शाता 25,790.25 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने सोमवार को 3,638.40 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश रमण
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