न्यूयॉर्क, 12 मार्च (एपी) दिग्गज कंपनी गूगल ने बृहस्पतिवार को अपने डिजिटल मानचित्र मंच ‘गूगल मैप्स’ में बड़े बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि अब यह सेवा लोगों को कहीं जाने की योजना बनाने और वहां पहुंचने का बेहतर तरीका बताने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) का अधिक इस्तेमाल करेगी।
गूगल की ‘जेमिनी’ प्रौद्योगिकी से संचालित इस बदलाव के तहत मैप्स में दो नई एआई आधारित सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। दुनिया भर में 200 करोड़ से अधिक लोग इस सेवा का इस्तेमाल करते हैं।
पहली सुविधा ‘आस्क मैप्स’ है, जो उपयोगकर्ताओं को बातचीत के अंदाज में सुझाव देगी। इसके जरिये उपयोगकर्ता मोबाइल चार्ज करने की नजदीकी जगह, कम भीड़ वाले कैफे या कई ठहराव वाली सड़क यात्रा के लिए विस्तृत यात्रा कार्यक्रम जैसी जानकारी पूछ सकेंगे।
कंपनी ने बताया कि जेमिनी के सुझाव 30 करोड़ से अधिक स्थानों के डेटाबेस और 50 करोड़ से ज्यादा योगदानकर्ताओं की समीक्षा पर आधारित होंगे।
‘आस्क मैप्स’ सुविधा शुरुआत में गूगल मैप्स के मोबाइल ऐप पर अमेरिका और भारत में आईफोन एवं एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी। इसे बाद में कंप्यूटर और अन्य देशों में भी शुरू किया जाएगा।
दूसरी नई सुविधा ‘इमर्सिव नेविगेशन’ है, जिसे गूगल ने मैप्स के ड्राइविंग निर्देशों में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव बताया है। यह सुविधा तीन-आयामी दृश्य के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को रास्ते की बेहतर समझ देगी।
इसमें जेमिनी द्वारा तैयार 3डी दृश्य में प्रमुख इमारतें, सड़क के बीच बने डिवाइडर और आसपास का भू-भाग भी दिखेगा, जिससे वाहन चालकों को रास्ता समझने में आसानी होगी।
यह सुविधा एक ही गंतव्य तक पहुंचने के लिए अलग-अलग मार्गों के फायदे एवं नुकसान भी बताएगी। इसके अलावा गंतव्य पर पहुंचने के बाद पार्किंग के बेहतर स्थानों की जानकारी भी दे सकेगी।
गूगल ने कहा कि उसका एआई सुरक्षा ढांचा इतना मजबूत हो गया है कि जेमिनी प्रौद्योगिकी अब गलत या अस्तित्वहीन स्थान दिखाने जैसी समस्या से बच सकेगी।
नई एआई-आधारित मार्गदर्शन सुविधा फिलहाल अमेरिका में गूगल मैप्स के मोबाइल ऐप और कारप्ले एवं एंड्रॉयड ऑटो से लैस वाहनों में उपलब्ध होगी।
एपी प्रेम
प्रेम रमण
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