सेबी, एफआईयू-इंडिया ने धन शोधन निरोधक उपायों को मजबूत करने को किया समझौता

सेबी, एफआईयू-इंडिया ने धन शोधन निरोधक उपायों को मजबूत करने को किया समझौता

सेबी, एफआईयू-इंडिया ने धन शोधन निरोधक उपायों को मजबूत करने को किया समझौता
Modified Date: April 16, 2026 / 08:17 pm IST
Published Date: April 16, 2026 8:17 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (एफआईयू-इंडिया) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये है। इसका मकसद मनी लांड्रिंग और प्रतिभूति बाजार में धोखाधड़ी ने निपटने में सहयोग करना है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि समझौता ज्ञापन पर 15 अप्रैल को हस्ताक्षर किये गये। समझौते का उद्देश्य सूचना के आदान-प्रदान के साथ आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। यह समझौता धन शोधन निरोधक अधिनियम, 2002 और संबंधित नियमों के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

बयान के अनुसार, इस समझौते के तहत, सेबी और एफआईयू-इंडिया प्रतिभूति बाजार में निगरानी को मजबूत करने और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए नियमित रूप से आंकड़ें और जानकारी साझा करेंगे।

एफआईयू-इंडिया के निदेशक अमित मोहन गोविल और सेबी के पूर्णकालिक सदस्य संदीप प्रधान ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सेबी के अनुसार, समझौता ज्ञापन 15 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो गया है।

भाषा रमण अजय

अजय


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