सेबी का निवेशक की मृत्यु के बाद वारिसों के लिए दावा प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव
सेबी का निवेशक की मृत्यु के बाद वारिसों के लिए दावा प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव
नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को निवेशक की मृत्यु के बाद वारिसों को प्रतिभूतियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव किया। इस पहल से नामांकित व्यक्ति और कानूनी वारिस वित्तीय संपत्तियों पर आसानी से दावा कर सकेंगे।
सेबी के परामर्श पत्र के अनुसार, नियामक ने सरलीकृत दस्तावेजीकरण के लिए मौद्रिक सीमा में संशोधन करने और छोटे दावों के लिए ‘सीधा और निर्बाध प्रसंस्करण’ (एसटीपी) तंत्र शुरू करने का सुझाव दिया है ताकि कागजी कार्रवाई कम हो सके और दावों के निपटान में तेजी आए।
सेबी ने कहा, ‘‘सरलीकृत दस्तावेजीकरण के लिए मौजूदा सीमाएं बहुत पहले तय की गई थीं और प्रतिभूति बाजार की भारी वृद्धि और संपत्तियों की बढ़ी हुई कीमतों को देखते हुए मौजूदा सीमाओं की समीक्षा करने की तत्काल आवश्यकता है।’’
प्रस्तावित ढांचे के तहत एक सत्यापन योग्य मृत्यु प्रमाण पत्र में मूल प्रमाण पत्र, नामांकित व्यक्ति द्वारा सत्यापित प्रति, नोटरी या राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रति या क्यूआर कोड वाला प्रमाण पत्र शामिल हो सकता है। कानूनी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र तहसीलदार के पद से नीचे के राजस्व अधिकारी द्वारा जारी नहीं होना चाहिए।
सेबी ने मौद्रिक सीमा में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। एसटीपी के तहत बहुत छोटे दावों के लिए सीमा भौतिक प्रतिभूतियों के लिए 10,000 रुपये और डीमैट प्रतिभूतियों के लिए 30,000 रुपये होगी। सरलीकृत दस्तावेजीकरण की सीमा भौतिक होल्डिंग के लिए बढ़ाकर 10 लाख रुपये और डीमैट होल्डिंग के लिए 30 लाख रुपये की जाएगी।
जहां नामांकन मौजूद है, वहां प्रक्रिया आसान होगी। नामांकित व्यक्ति को हस्तांतरण अनुरोध फॉर्म, डीमैट खाते की ताजा ग्राहक मास्टर सूची (सीएमएल), मृत्यु प्रमाण पत्र और एक वैध पहचान प्रमाण जमा करना होगा।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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