Adi Parab 2026 : पहली बार एक मंच पर दिखेंगी 43 जनजातियां! राजधानी में होने जा रहा है आदि परब-2026, जानें क्यों खास है ये आयोजन?

नवा रायपुर में 13 और 14 मार्च 2026 को ‘आदि परब-2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ कई अन्य राज्यों के जनजातीय समुदाय अपनी संस्कृति, कला और परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे।

Adi Parab 2026 : पहली बार एक मंच पर दिखेंगी 43 जनजातियां! राजधानी में होने जा रहा है आदि परब-2026, जानें क्यों खास है ये आयोजन?

Adi Parab 2026 / Image Source : SCREENGRAB

Modified Date: March 12, 2026 / 08:40 pm IST
Published Date: March 12, 2026 8:31 pm IST
HIGHLIGHTS
  • नवा रायपुर में 13–14 मार्च को ‘आदि परब-2026’ का आयोजन।
  • छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ अन्य राज्यों के समुदाय भी होंगे शामिल
  • कार्यक्रम में जनजातीय कला, परिधान, चित्रकला और शिल्प मेला आकर्षण का केंद्र होंगे।

रायपुर : Adi Parab 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च 2026 को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में ’परम्परा से पहचान तक’ – आदि परब – 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से ‘आदि परब-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ दूसरे प्रदेश के जनजाति समुदाय शामिल होंगे

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे। CM Vishnu Deo Sai इस आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है। इस आयोजन में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के जनजातीय कलाकारों शिल्पकारों तथा जनजातीय समुदायों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय कला, परंपराओं, हस्तशिल्प, लोक जीवन एवं सांस्कृतिक विविधता को एक साझा मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत “आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो” का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10.30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा।

राज्य की 43 जनजातीय समुदाय एक मंच पर

इस आयोजन में राज्य की 43 जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। आदि परब के तहत “आदि रंग – जनजातीय चित्रकला महोत्सव” भी आयोजित होगा। इसी तरह “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन होगा।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..