वैश्विक तनाव, व्यापार अनिश्चितता से शेयर बाजार में तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 102 अंक टूटा
वैश्विक तनाव, व्यापार अनिश्चितता से शेयर बाजार में तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 102 अंक टूटा
मुंबई, सात जनवरी (भाषा) शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 102 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 38 अंक नुकसान में रहा। वैश्विक स्तर पर तनाव और अमेरिकी शुल्क बढ़ने को लेकर चिंताओं के बीच कारोबारी धारणा प्रभावित होने से बाजार में गिरावट आई।
कारोबारियों ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी जारी रहने से भी बाजार प्रभावित हुआ।
हालांकि, उन्होंने कहा कि चुनिंदा प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने शेयर बाजार को सहारा दिया।
बाजार में अस्थिरता के बीच 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 102.20 अंक यानी 0.12 प्रतिशत टूटकर 84,961.14 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 445.85 अंक यानी 0.52 प्रतिशत गिरकर 84,617.49 पर आ गया था।
पचास शेयर पर आधारित एनएसई निफ्टी 37.95 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,140.75 अंक पर रहा।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘बाजार धारणा पर वैश्विक संकेतों की मिली-जुली छाप और भू-राजनीतिक चिंताओं का गहरा प्रभाव बना रहा। इससे जोखिम लेने की प्रवृत्ति सीमित रही। इसके अलावा आईटीसी, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस जैसे कुछ प्रमुख शेयरों में बारी-बारी से बिकवाली ने तेजी को सीमित कर दिया और व्यापक तेजी पर रोक लगा दी।
उन्होंने कहा, ‘मजबूत घरेलू कारकों की अनुपस्थिति में व्यापारिक गतिविधि काफी हद तक शेयर केंद्रित रही और प्रतिभागी आगामी आय घोषणाओं और प्रमुख वैश्विक घटनाक्रमों से पहले प्रतीक्षा करो और देखो की नीति अपना रहे थे।’
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से मारुति, पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहें।
दूसरी ओर, लाभ में रहने वाले शेयर में टाइटन, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज शामिल हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिका के महत्वपूर्ण रोजगार आंकड़ों से पहले जोखिम से बचने के संकेतों के कारण घरेलू बाजार का माहौल सतर्क बना हुआ है। तिमाही आधार पर कंपनियों के मुनाफे में सुधार की उम्मीद है लेकिन वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के बीच विदेशी संस्थागत निवेशक जोखिम से बचने की कोशिश कर रहे हैं।’’
मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.47 प्रतिशत चढ़ा जबकि छोटी कंपनियों का सूचकांक बीएसई स्मॉलकैप 0.12 प्रतिशत ऊपर गया।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60.21 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 107.63 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,749.35 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्की सूचकांक तथा हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के ज्यादातर प्रमुख बाजारों में दोपहर तक कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.81 प्रतिशत टूटकर 60.21 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
सेंसेक्स में मंगलवार को 376.28 अंक की गिरावट आई थी जबकि एनएसई निफ्टी 71.60 अंक टूटा था।
भाषा योगेश रमण
रमण

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