शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 48 अंक और टूटा
शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 48 अंक और टूटा
मुंबई, 30 सितंबर (भाषा) कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, ऊंचे वैश्विक बॉण्ड प्रतिफल और विदेशी पूंजी की निकासी से निवेशकों में चिंता के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में बुधवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स दिन के अंत में हुई बिकवाली के कारण 48.78 अंक यानी 0.07 प्रतिशत टूटकर 72,480.29 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 533.16 अंक यानी 0.73 प्रतिशत बढ़कर 73,062.23 अंक तक पहुंच गया था।
वहीं पचास शेयर वाला एनएसई निफ्टी 95.75 अंक यानी 0.42 प्रतिशत फिसलकर 22,620.45 अंक पर बंद हुआ।
इस महीने बीएसई सेंसेक्स में 4,476.98 अंक यानी 5.81 प्रतिशत जबकि निफ्टी में 1,459.95 अंक यानी छह प्रतिशत की गिरावट आई।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इटर्नल, सन फार्मा, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील और एचडीएफसी बैंक के शेयर सबसे अधिक गिरावट में रहे। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एक्सिस बैंक के शेयर में तेजी दर्ज की गई।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली और उसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी से बाजारों को मिली राहत की रफ्तार थम गई। ऊंचा वैश्विक बॉण्ड प्रतिफल अब भी एक बड़ी बाधा बना हुआ है, जिससे जोखिम लेने की लगातार गुंजाइश सीमित हो रही है। बाजार का कुल रुख सतर्क बना हुआ है। निवेशक कच्चे तेल की कीमतों, बॉण्ड प्रतिफल, मुद्रास्फीति की उम्मीदों तथा वैश्विक मौद्रिक नीति पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर नजर रख रहे हैं।’’
व्यापक बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.44 प्रतिशत टूटा, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट 0.34 प्रतिशत चढ़ा।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘वैश्विक व्यापक आर्थिक चिंताओं से बाजार की धारणा अब भी कमजोर बनी हुई है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत में हालिया तेजी की तुलना में थोड़ी नरमी आई। हालांकि, यह तब भी करीब 103 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। वहीं, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉण्ड का प्रतिफल जो पिछले सत्र में 5.293 प्रतिशत तक पहुंच गया था, अब भी ऊंचाई के करीब बना हुआ है। वहीं विदेशी पूंजी की लगातार बिकवाली भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। एफआईआई ने मंगलवार को करीब 9,980 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।’’
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि चीन का एसएसई कम्पोजिट, जापान का निक्की 225 और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं। हालांकि, इससे बाजार को कोई नई दिशा नहीं मिली, क्योंकि क्षेत्रीय संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसके प्रभाव को लेकर अनिश्चितता कायम है। इससे बाजार का व्यापक रुख स्पष्ट रूप से नकारात्मक होने के बजाय संतुलित बना रहा।’’
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 0.54 प्रतिशत बढ़कर 103.1 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 9,980.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
सेंसेक्स मंगलवार को 242.65 अंक और निफ्टी 64.05 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
भाषा निहारिका अजय
अजय

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