मुंबई, 21 जनवरी (भाषा) वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने, कमजोर संकेतों और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के बीच बुधवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। उतार-चढ़ाव भरे सत्र में सेंसेक्स 271 अंक टूट गया जबकि निफ्टी में 75 अंक की गिरावट रही।
कारोबारियों के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और वित्तीय, बैंकिंग एवं उपभोग से जुड़े शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा। हालांकि निचले स्तर पर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी आने से थोड़ा समर्थन मिला।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक भारी उतार-चढ़ाव के बाद 270.84 अंक यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 81,909.63 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 1,056.02 अंक टूटकर 81,124.45 तक आ गया था।
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 75 अंक यानी 0.30 प्रतिशत फिसलकर 25,157.50 अंक पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘वैश्विक जोखिम कारकों से धारणा बिगड़ने के कारण घरेलू बाजारों में अस्थिरता बनी रही। लेकिन कारोबारी सत्र के अंत में निचले स्तर पर खरीदारी आने से शुरुआती नुकसान की थोड़ी भरपाई हो गई।’
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय स्टेट बैंक और मारुति सुजुकी प्रमुख नुकसान में रहीं।
दूसरी ओर, इटर्नल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंटरग्लोब एविएशन (यानी इंडिगो) और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘वैश्विक व्यापार एवं भू-राजनीतिक चिंताओं से बाजार में कमजोरी जारी रही। रुपये के डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ जाने से कारोबारी धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से भी दबाव बढ़ा।’
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 2,938.33 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,665.69 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 1.01 प्रतिशत टूट गया जबकि छोटी कंपनियों का स्मालकैप सूचकांक 0.80 प्रतिशत नुकसान में रहा।
क्षेत्रवार सूचकांकों में टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद खंड में सर्वाधिक 1.28 प्रतिशत गिरावट रही जबकि पीएसयू बैंक में 1.07 प्रतिशत, वित्तीय सेवा खंड में 1.02 प्रतिशत और बैंकिंग खंड में 0.94 प्रतिशत गिरावट रही।
बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,831 कंपनियां गिरावट के साथ बंद हुईं जबकि 1,437 शेयरों में तेजी रही और 137 अन्य अपरिवर्तित रहे।
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 76 पैसे टूटकर 91.73 रुपये प्रति डॉलर (अस्थायी) के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया।
एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की नुकसान में बंद हुआ जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजारों में कारोबार के दौरान गिरावट का रुख देखा गया। अमेरिकी बाजार मंगलवार को तेज गिरावट के साथ बंद हुए थे जहां नैस्डैक कंपोजिट में 2.39 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 2.06 प्रतिशत और डॉऊ जोन्स में 1.76 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड एक प्रतिशत गिरकर 64.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
सेंसेक्स मंगलवार को 1,065.71 अंक गिरकर 82,180.47 अंक और निफ्टी 353 अंक टूटकर 25,232.50 अंक पर बंद हुआ था।
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प्रेम रमण
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