सेंसेक्स 255 अंक उछलकर नई ऊंचाई पर, निफ्टी 15,900 के स्तर से ऊपर

सेंसेक्स 255 अंक उछलकर नई ऊंचाई पर, निफ्टी 15,900 के स्तर से ऊपर

सेंसेक्स 255 अंक उछलकर नई ऊंचाई पर, निफ्टी 15,900 के स्तर से ऊपर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:41 pm IST
Published Date: July 15, 2021 11:16 am IST

मुंबई, 15 जुलाई (भाषा) बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 255 अंक उछलकर अब तक के सर्वोच्च स्तर पर बंद हुआ। कंपनियों के बेहतर वित्तीय परिणाम के संकेत के बीच सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाले एचडीएफसी बैंक, एल एंड टी और एचसीएल टेक में तेजी के साथ बाजार में मजबूती आयी।

तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 254.75 अंक यानी 0.48 प्रतिशत उछलकर रिकार्ड 53,158.85 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान भी यह अबतक के उच्चतम स्तर 53,266.12 अंक तक चला गया था।

इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 70.25 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ अबतक के सर्वोच्च स्तर 15,924.20 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 15,952.35 के रिकार्ड ऊंचाई तक गया था।

सेंसेक्स के शेयरों में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में एचसीएल टेक का शेयर रहा। इसके अलावा एल एंड टी, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी और टाटा स्टील में भी अच्छी तेजी रही।

दूसरी तरफ, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स, टाइटन और सन फार्मा समेत अन्य शेयर नुकसान में रहे।

एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा, ‘‘वैश्विक निवेशक मुद्रास्फीति आंकड़े और फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों से बाहर आ गये हैं। घरेलू बाजार में तेजड़िये आर्थिक पुनरूद्धार को महत्व दे रहे हैं। आईटी शेयर लगातार बाजार को नई ऊंचाई दे रहे हैं।’’

रंगनाथन के अनुसार ऐसा लगता है कि बाजार सुधार के लिए इंतजार कर रहे निवेशकों को राहत देने को फिलहाल तैयार नहीं है। सत्र के दौरान दूसरे क्षेत्रों ने अपनी भूमिका निभाई। पूंजीगत सामान क्षेत्र ने अच्छी वापसी की और व्यापक स्तर पर सीमेंट, रियल एस्टेट और फार्मा शेयरों में भी स्थिति अच्छी होने से बाजार को मजबूती मिली।

एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, सियोल और हांगकांग लाभ के साथ बंद हुए जबकि तोक्यो नुकसान में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में मध्याह्न कारोबार में गिरावट का रुख रहा।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.70 प्रतिशत टूटकर 74.24 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर


लेखक के बारे में