कच्चे तेल में तेजी से घरेलू शेयर बाजार में गिरावट जारी, सेंसेक्स 326 अंक टूटा
कच्चे तेल में तेजी से घरेलू शेयर बाजार में गिरावट जारी, सेंसेक्स 326 अंक टूटा
मुंबई, 19 अगस्त (भाषा) अमेरिका-ईरान विवाद का कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकलने और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और घरेलू शेयर बाजार बुधवार को नुकसान के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 326 अंक टूटा जबकि निफ्टी में 77 अंक की गिरावट रही।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 325.78 अंक यानी 0.42 प्रतिशत गिरकर 76,909.68 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 412.57 अंक तक गिरकर 76,822.89 अंक पर आ गया था।
यह सेंसेक्स में गिरावट का लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा। इस दौरान सेंसेक्स 1,170.28 अंक यानी 1.49 प्रतिशत टूट चुका है।
इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 76.60 अंक यानी 0.32 प्रतिशत गिरकर 24,078.30 अंक पर बंद हुआ। यह निफ्टी में गिरावट का लगातार सातवां सत्र है। इस दौरान निफ्टी 505.50 अंक यानी दो प्रतिशत तक गिर चुका है।
सेंसेक्स की कंपनियों में से पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ, एचसीएल टेक, इटर्नल (जोमैटो), कोटक महिंद्रा बैंक और सन फार्मा के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
एक विशेषज्ञ ने कहा कि 60 दिन का अस्थायी अमेरिका-ईरान संघर्षविराम किसी ठोस कूटनीतिक समाधान के बगैर खत्म हो जाने से ऊर्जा आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहने की आशंका बढ़ गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.04 प्रतिशत बढ़कर 91.97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्षविराम की अवधि खत्म होने के बाद भी विवाद का कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकलने से कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी हुई, जिससे बाजार में जोखिम से बचने की धारणा मजबूत हुई।
नायर ने कहा कि निवेशक फेडरल रिजर्व की बैठक का ब्योरा जारी होने से पहले भी सतर्क रहे, क्योंकि मुद्रास्फीति के खिलाफ अमेरिकी केंद्रीय बैंक के प्रयास जारी रहने की आशंका है।
व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.73 प्रतिशत की गिरावट में रहा जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही।
क्षेत्रवार सूचकांकों में बिजली खंड में सर्वाधिक 1.69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि पूंजीगत उत्पाद खंड में 1.59 प्रतिशत, जन केंद्रित सेवा खंड में 1.25 प्रतिशत और औद्योगिक खंड में 1.15 प्रतिशत की गिरावट रही।
शोध विश्लेषक फर्म एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘भारतीय बाजार में लगातार सातवें कारोबारी सत्र में गिरावट रही। वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। ऊंचे बॉन्ड प्रतिफल, कच्चे तेल की महंगी कीमतों और प्रौद्योगिकी शेयरों में तेज गिरावट से निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ।’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 5.80 प्रतिशत टूट गया। जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट भी उल्लेखनीय गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त में रहा।
यूरोपीय बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में गिरावट थी। अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 1,651.53 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
मंगलवार को सेंसेक्स 492.70 अंक गिरकर 77,235.46 अंक और निफ्टी 132.75 अंक की गिरावट के साथ 24,154.90 अंक पर बंद हुआ था।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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