शेल ने भारत को एलएनजी आपूर्ति बढ़ाई, खाड़ी में व्यवधान के बाद उर्वरक क्षेत्र के बड़े ठेके जीते

शेल ने भारत को एलएनजी आपूर्ति बढ़ाई, खाड़ी में व्यवधान के बाद उर्वरक क्षेत्र के बड़े ठेके जीते

शेल ने भारत को एलएनजी आपूर्ति बढ़ाई, खाड़ी में व्यवधान के बाद उर्वरक क्षेत्र के बड़े ठेके जीते
Modified Date: April 12, 2026 / 01:22 pm IST
Published Date: April 12, 2026 1:22 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) वैश्विक ऊर्जा दिग्गज शेल पीएलसी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न आपूर्ति बाधाओं के बीच भारत को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति तेज कर दी है।

कंपनी ने अपने वैश्विक पोर्टफोलियो का लाभ उठाते हुए उर्वरक क्षेत्र के प्रमुख ठेकों सहित हाजिर और वायदा मांग में बड़ी हिस्सेदारी हासिल की है।

उद्योग सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने भारतीय उर्वरक कंपनियों द्वारा की गई थोक एलएनजी खरीद में शेल एक अग्रणी आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरी है। खाड़ी देशों से बाधित आपूर्ति के बीच सरकार ने यूरिया उत्पादन के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ये निविदा जारी की थीं। इसके तहत शेल ने कुल छह टीबीटीयू (ट्रिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) में से चार टीबीटीयू की आपूर्ति हासिल की।

सूत्रों ने बताया कि भारत के सबसे बड़े एलएनजी आपूर्तिकर्ता कतर से आपूर्ति बाधित होने के बाद, शेल पीएलसी की भारतीय इकाई ने कदम बढ़ाया और मार्च में अब तक का सबसे बड़ा मासिक एलएनजी आयात किया। उर्वरक के अलावा, शेल इंडिया ने अन्य औद्योगिक उपयोगकर्ताओं और खुदरा विक्रेताओं को भी गैस की आपूर्ति की। मार्च में कंपनी भारत में आयातित गैस की सबसे बड़ी आपूर्तिकर्ता बन गई।

शेल की यह क्षमता गुजरात के हजीरा में स्थित उसके 50 लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता वाले एलएनजी आयात टर्मिनल और संबंधित बुनियादी ढांचे पर आधारित है। कंपनी के पास 65 से अधिक चार्टर्ड जहाजों का बेड़ा भी है, जिसने उस समय गैस वितरण में मदद की जब भारत के मुख्य आपूर्तिकर्ता ने अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण आपूर्ति रोकने की घोषणा कर दी थी।

गौरतलब है कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग आधी जरूरतों को आयात के जरिये पूरा करता है। इसका उपयोग उर्वरक उत्पादन, बिजली उत्पादन, परिवहन के लिए सीएनजी और घरों में पाइप से रसोई गैस (पीएनजी) पहुंचाने के लिए किया जाता है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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