नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी सिग्नेचर ग्लोबल ने शनिवार को कहा कि वह अपनी मौजूदा और भविष्य की आवासीय परियोजनाओं में उन्नत भूकंप रोधी तकनीक अपनाने के लिए 380 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
कंपनी ने इस निर्माण तकनीक के लिए भारत-इटली के संयुक्त उद्यम ‘सीईसीओ हिरुन प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ 380 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
कंपनी के अनुसार, ‘हिस्टेरेटिक ट्यून्ड मास डैम्पर्स’ (एचटीएमडी) तकनीक एक विशेष प्रणाली है जिसे ऊंची इमारतों में हवा और भूकंप के कारण होने वाले कंपन को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह तकनीक इमारत की हलचल को नियंत्रित कर उसकी स्थिरता को बढ़ाती है।
सिग्नेचर ग्लोबल के सह-संस्थापक और उपाध्यक्ष ललित अग्रवाल ने कहा, ”इस 380 करोड़ रुपये के समझौते के तहत लगभग 80 से 100 ऊंची आवासीय इमारतों को कवर किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि कंपनी की जरूरत के अनुसार इस समझौते के दायरे को और बढ़ाया जाएगा। कंपनी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर जैसे भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों (सीस्मिक जोन-4) में इमारतों की दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता के लिए डिजाइन के स्तर पर ही उन्नत कंपन-नियंत्रण प्रणालियों को शामिल करना बेहद महत्वपूर्ण है।
सेको हिरुन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन अगोस्तीनो मारियोनी ने कहा, ”यह पहल इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो भारत में मजबूत और भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचे के नए मानक स्थापित करेगी।”
भाषा सुमित पाण्डेय
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