(फाइल फोटो के साथ)
दोहा, 29 सितंबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) की सालाना बैठक के दौरान सऊदी अरब, स्विट्जरलैंड, जॉर्डन और नेपाल के मंत्रियों के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठकें कीं।
कतर की अपनी यात्रा के पहले दिन 28 सितंबर को सीतारमण ने सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सऊदी अरब द्विपक्षीय निवेश संधि को जल्द लागू किए जाने की उम्मीद कर रहा है।
वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों मंत्रियों ने भारत-सऊदी अरब द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर बातचीत के सफल समापन का स्वागत किया। यह द्विपक्षीय निवेश के लिए एक मजबूत और अधिक भरोसेमंद रूपरेखा प्रदान करेगी और निवेशकों का विश्वास को और मजबूत करेगी।’’
वित्त मंत्री ने कहा कि सऊदी अरब भारत का भरोसेमंद और महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक साझेदारी का भी उल्लेख किया।
मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की। सऊदी अरब के मंत्री ने भारत से निवेश में रुचि जताई।
सीतारमण ने स्विट्जरलैंड से एआईआईबी गवर्नर पिएत्रो लाजेरी से भी मुलाकात की और राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) को भारत में अवसर तलाशने वाले विदेशी निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद भागीदार बताया। उन्होंने स्विट्जरलैंड के निवेशकों को भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश का लाभ उठाने के लिए एनआईआईएफ अवसंरचना कोष में अवसर तलाशने का निमंत्रण दिया।
राजदूत लाजेरी ने कहा कि भारत में निवेश में विविधता लाने और निवेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने भारत की आगामी यात्रा और नयी दिल्ली में होने वाले दूसरे ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) समृद्धि सम्मेलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में स्विट्जरलैंड के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की वृद्धि वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की वृद्धि से तेज है।
लाजेरी ने द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौते को अंतिम रूप देने के लिए समर्थन मांगा।
उन्होंने वित्तीय क्षेत्र और टिकाऊ वित्त के क्षेत्र में सहयोग में भी रुचि जताई।
वित्त मंत्री ने स्विट्जरलैंड के निवेशकों और वित्तीय सेवा क्षेत्र की इकाइयों को भारत के घरेलू वित्तीय सेवा केंद्र गिफ्ट आईएफएससी में निवेश के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। यह केंद्र वित्तीय सेवाएं और उत्पाद, कर लाभ तथा कारोबार के अनुकूल माहौल उपलब्ध कराता है।
सीतारमण ने नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले से मुलाकात की और बाढ़ के बाद नेपाल के पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के आकलन तथा प्राथमिकताओं पर चर्चा की। बातचीत में इस महत्वपूर्ण समय में भारत की ओर से दी जा सकने वाली सहायता के स्वरूप को तय करने के लिए दोनों देशों की टीम के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
यूपीआई-एनपीआई संपर्क व्यवस्था को जल्द शुरू करने और उसके उपयोग पर भी चर्चा की गई, जो दोनों देशों के लिए लाभकारी पहल है।
सीतारमण ने जॉर्डन की योजना एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री जेना जैद तौकान से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि भारत जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को पांच अरब डॉलर तक बढ़ाने के लक्ष्य का उल्लेख किया।
भाषा रमण अजय
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