कमजोर मानसून के बीच खरीफ फसलों की बुवाई छह प्रतिशत घटी
कमजोर मानसून के बीच खरीफ फसलों की बुवाई छह प्रतिशत घटी
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) कमजोर मानसून के बीच खरीफ फसलों की बुवाई अब तक सामान्य क्षेत्र के 60 प्रतिशत से अधिक हिस्से में पूरी हो चुकी है जबकि इसका कुल रकबा पिछले साल की तुलना में करीब छह प्रतिशत कम है। कृषि मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
आंकड़ों के मुताबिक, खरीफ फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र 17 जुलाई तक 658.19 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 700.47 लाख हेक्टेयर था।
खरीफ सत्र की मुख्य फसल धान का रकबा 166.41 लाख हेक्टेयर रहा, जो एक साल पहले के 167.83 लाख हेक्टेयर से थोड़ा कम है। हालांकि हाल के हफ्तों में बुवाई की रफ्तार तेज हुई है।
दलहनों का रकबा 15 प्रतिशत घटकर 69.23 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल 81.52 लाख हेक्टेयर था। दलहनों में अरहर/तूर 24.80 लाख हेक्टेयर, उड़द 13.51 लाख हेक्टेयर और मूंग 23.98 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई।
मोटे अनाज का रकबा 11.23 प्रतिशत घटकर 119.03 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि पिछले साल यह 134.09 लाख हेक्टेयर था। मक्का की बुवाई मामूली रूप से घटकर 67.89 लाख हेक्टेयर रही।
तिलहन का रकबा 5.54 प्रतिशत घटकर 147.09 लाख हेक्टेयर रह गया, जो एक साल पहले 155.72 लाख हेक्टेयर था। सोयाबीन का क्षेत्र घटकर 106.02 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि मूंगफली का रकबा भी कम होकर 34.52 लाख हेक्टेयर रहा।
नकदी फसलों में कपास का रकबा घटकर 92.53 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल 98.40 लाख हेक्टेयर था। वहीं गन्ने का रकबा हल्का बढ़कर 57.58 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि जूट का रकबा भी बढ़कर 6.32 लाख हेक्टेयर पहुंच गया।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि 19 जुलाई तक देश में मानसून वर्षा 24 प्रतिशत कम रही। देश के 36 मौसम उप-विभागों में से 23 में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
प्रेम

Facebook


