श्रीलंका ने आर्थिक राहत देने के लिए ईंधन सब्सिडी की घोषणा की

श्रीलंका ने आर्थिक राहत देने के लिए ईंधन सब्सिडी की घोषणा की

श्रीलंका ने आर्थिक राहत देने के लिए ईंधन सब्सिडी की घोषणा की
Modified Date: April 7, 2026 / 02:13 pm IST
Published Date: April 7, 2026 2:13 pm IST

कोलंबो, सात अप्रैल (भाषा) श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव को कम करने के मकसद से मंगलवार को आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की।

दिसानायके ने संसद को बताया कि भारत, द्वीपीय राष्ट्र को पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराने पर सहमत हो गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार के तौर पर, हमें ही लोगों के समक्ष पेश हो रही कठिनाइयों का जवाब देना होगा।’’

वित्त मंत्री का भी प्रभार संभाल रहे दिसानायके ने कहा, ‘‘ हमने चार क्षेत्रों ईंधन, ऊर्जा, गैस और उर्वरक पर ध्यान केंद्रित किया है।’’

दिसानायके ने कहा, ‘‘ हम डीजल पर 100 श्रीलंकाई रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 20 श्रीलंकाई रुपये प्रति लीटर की रियायत देंगे।’’

उन्होंने बताया कि इससे सरकार पर हर महीने 20 अरब श्रीलंकाई रुपये का बोझ पड़ेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीलंका की ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने व्यापक कूटनीतिक प्रयास शुरू किए हैं।

दिसानायके ने कहा, ‘‘ मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की है। उन्होंने हमें पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है।’’

उन्होंने यह भी बताया कि रूस के साथ गैस, कोयला, ईंधन और उर्वरक प्राप्त करने के लिए बातचीत शुरू हो चुकी है।

राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग सात अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ केंद्रीय बैंक, बाजार से 70 करोड़ डॉलर खरीदने में सफल रहा है। इसलिए स्थिति अच्छी है।’’

अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद श्रीलंका ने मार्च में तीन बार खुदरा ईंधन कीमतें बढ़ाई हैं। अंतिम संशोधन में कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई थी।

इस बीच 28 मार्च को भारत ने 38,000 टन ईंधन आपात सहायता के रूप में कोलंबो भेजा। इसमें 20,000 टन डीजल और 18,000 टन पेट्रोल शामिल है। यह आपूर्ति इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की स्थानीय इकाई लंका आईओसी (एलआईओसी) के माध्यम से की गई।

यह ईंधन आपूर्ति राष्ट्रपति दिसानायके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच 24 मार्च को फोन पर हुई बातचीत के बाद संभव हो पाई थी।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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