यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्टार्टअप कंपनियों का नवोन्मेषण बना आकर्षण का केंद्र

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्टार्टअप कंपनियों का नवोन्मेषण बना आकर्षण का केंद्र

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्टार्टअप कंपनियों का नवोन्मेषण बना आकर्षण का केंद्र
Modified Date: September 28, 2026 / 07:17 pm IST
Published Date: September 28, 2026 7:17 pm IST

ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर (भाषा) यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 (यूपीआईटीएस-26) में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के पवेलियन में प्रदेश की उभरती स्टार्टअप कंपनियों का नवोन्मेषण आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्टार्टअप मिशन के बैनर तले विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 60 स्टार्टअप ने अपने उत्पाद, प्रौद्योगिकी और नवाचार प्रदर्शित किए हैं। पिछले तीन दिन में 5,000 से अधिक लोग स्टार्टअप पवेलियन आ चुके हैं।

इस पवेलियन में सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी से संबद्ध क्षेत्र, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, शिक्षा प्रौद्योगिकी, कृषि, डीपटेक और अवसंरचना जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप की भागीदारी देखने को मिल रही है।

यूपी स्टार्टअप मिशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुमित महाजन ने बताया कि यूपीआईटीएस-26 के पवेलियन में 60 स्टार्टअप कंपनियों की भागीदारी है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों के स्टार्टअप ने अपने उत्पाद और प्रौद्योगिकी समाधान को प्रदर्शित किया है। वहीं स्टार्टअप पवेलियन को देखने के लिए अच्छी-खासी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यूपी स्टार्टअप मिशन के पवेलियन में भारत इनोवेट्स के लिए चयनित छह स्टार्टअप कंपनियों ने भी भागीदारी की है। इसके अलावा यूपी स्टार्टअप कोष से वित्तपोषित छह स्टार्टअप ने भी पवेलियन में अपने उत्पाद और नवाचार पेश किए हैं। स्टार्टअप पवेलियन में एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के सीईओ संदीप कुमार ने भी स्टार्टअप के संस्थापकों से संवाद किया। उन्होंने स्टार्टअप के काम और उनके नवाचार के बारे में जानकारी ली।

सीईओ महाजन ने बताया कि ट्रेड शो में रक्षा तकनीक और डीपटेक से जुड़े नवाचार भी आकर्षण का केंद्र बने हैं। इनमें आईआईटी कानपुर की डीपटेक स्टार्टअप मराल एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड का सौर ऊर्जा से संचालित अल्ट्रा लॉन्ग एंड्योरेंस यूएवी ‘तेजस्वान’ भी शामिल है। यह फिक्स्ड विंग विमान सौर ऊर्जा और बैटरी के संयोजन से संचालित होता है और लगातार 12 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम है। इसकी ‘रेंज’ करीब 150 किलोमीटर है, जिसे जरूरत के अनुसार 250 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है।

रक्षा तकनीक के क्षेत्र में ‘काल’ ड्रोन भी लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बना है। यह वन-वे अटैक ड्रोन प्रणाली है, जो करीब 1,000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।

बेंगलुरु स्थित न्यूमेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज ने अपने टेथर्ड इलेक्ट्रिक यूएवी ‘निंबसस्कोप’ का प्रदर्शन किया। यह जमीन से जुड़े तार के माध्यम से बिजली प्राप्त करता है, जिससे लगातार आठ घंटे तक हवा में स्थिर रहकर निगरानी कर सकता है।

आईडीआर के स्वदेशी नैनो और माइक्रो ड्रोन भी ट्रेड शो में प्रदर्शित किए गए। इनमें अभ्यास एमके-1 एक लंबी अवधि का माइक्रो एफपीवी ड्रोन है, जिसकी करीब 40 मिनट तक उड़ान क्षमता है और इसे ऑपरेटर के प्रशिक्षण के लिए तैयार किया गया है। वहीं आईडीआर का टैक्टिकल नैनो ड्रोन वास्तविक समय की खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम बताया गया है।

भाषा सं रवि कांत अजय

अजय


लेखक के बारे में