‘स्टार्टअप इंडिया’ ने लाखों युवाओं को उद्यम, उद्योग एवं नवाचार के नए अवसर प्रदान किए : योगी आदित्यनाथ

‘स्टार्टअप इंडिया’ ने लाखों युवाओं को उद्यम, उद्योग एवं नवाचार के नए अवसर प्रदान किए : योगी आदित्यनाथ

‘स्टार्टअप इंडिया’ ने लाखों युवाओं को उद्यम, उद्योग एवं नवाचार के नए अवसर प्रदान किए : योगी आदित्यनाथ
Modified Date: January 16, 2026 / 10:26 am IST
Published Date: January 16, 2026 10:26 am IST

(फाइल फोटो के साथ)

लखनऊ, 16 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्टार्ट अप इंडिया’ योजना के 10 वर्ष पूरे होने के मौके पर शुक्रवार को कहा कि पिछले एक दशक में इसने लाखों युवाओं को उद्यम, उद्योग और नवाचार के नए अवसर प्रदान किए हैं।

योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई ‘स्टार्टअप इंडिया’ योजना के सफलतम 10 वर्ष पूरे होने पर सभी को हार्दिक बधाई। यह अभिनव पहल युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देते हुए भारत को नवाचार संचालित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में गतिशील बना रही है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले एक दशक में स्टार्टअप इंडिया ने लाखों युवाओं को उद्यम, उद्योग एवं नवाचार के नए अवसर प्रदान किए हैं। उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी स्टार्टअप परिवेश के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। इस विकासोन्मुख अभियान से ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ की यात्रा को नई ऊर्जा प्राप्त हो रही है।’’

‘स्टार्टअप इंडिया’ की शुरुआत 16 जनवरी 2016 को एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में की गई थी जिसका उद्देश्य नवोन्मेष को पोषित करना, उद्यमिता को बढ़ावा देना और निवेश-आधारित वृद्धि को सक्षम बनाना है ताकि भारत को नौकरी तलाशने वालों के बजाय नौकरी देने वालों का देश बनाया जा सके।

आधिकारिक बयान के मुताबिक पिछले एक दशक में ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल भारत की आर्थिक एवं नवोन्मेष संरचना का एक प्रमुख आधार बनकर उभरी है। इसने संस्थागत तंत्र को मजबूत किया है, पूंजी एवं मार्गदर्शन तक पहुंच का विस्तार किया है और स्टार्टअप के लिए विभिन्न क्षेत्रों एवं भौगोलिक क्षेत्रों में विकास तथा विस्तार के अनुकूल माहौल को बढ़ावा दिया है।

बयान में कहा गया कि इस दौरान भारत के स्टार्टअप परिवेशी तंत्र में अभूतपूर्व विस्तार देखा गया है और देश र में 2,00,000 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी गई है।

भाषा आनन्द वैभव निहारिका

निहारिका


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