भारत-अमेरिका दवा साझेदारी को मजबूत करना महत्वपूर्ण: आईपीए
भारत-अमेरिका दवा साझेदारी को मजबूत करना महत्वपूर्ण: आईपीए
नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (आईपीए) ने शनिवार को कहा कि भारत-अमेरिका दवा साझेदारी को मजबूत करना महत्वपूर्ण है क्योंकि दवा सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा का एक हिस्सा है। आईपीए ने दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का स्वागत किया।
इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (आईपीए) के महासचिव सुदर्शन जैन ने एक बयान में कहा, ‘जेनेरिक दवाओं को शुल्क से छूट दी गई है। जैसा कि संयुक्त बयान में बताया गया है, कुल मिलाकर फार्मास्यूटिकल्स (जेनेरिक सहित) अमेरिकी धारा 232 जांच के अधीन हैं। यह एफटीए में अपनाए गए दृष्टिकोण के अनुरूप है।’
अमेरिकी धारा 232 जांच, वाणिज्य विभाग के उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो द्वारा अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के उद्देश्य से की जाती है।
जैन ने कहा, ‘भारत-अमेरिका दवा साझेदारी को मजबूत करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि दवा सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा का एक हिस्सा है।’
पॉली मेडिकेयर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हिमांशु बैद ने कहा, ‘भारतीय चिकित्सा उपकरणों पर अमेरिकी आयात शुल्क 18 प्रतिशत होने से, भारतीय मेडटेक निर्यातकों को दुनिया के सबसे परिष्कृत स्वास्थ्य सेवा बाजारों में से एक में, एक महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी लाभ मिलता है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता एमएसएमई को और सशक्त बनाएगा, भारत-अमेरिका आर्थिक जुड़ाव को गहरा करेगा और नवाचार-आधारित विकास के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा करेगा।
बैद ने कहा कि अमेरिका पॉलीमेड के लिए एक प्रमुख और बढ़ता हुआ बाजार बना हुआ है, जो इसकी वैश्विक विस्तार रणनीति के अनुरूप है।
भारत और अमेरिका ने शनिवार को घोषणा की कि वे एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक प्रारूप पर पहुंच गए हैं, जिसके तहत दोनों पक्ष, द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे।
समझौते के तहत, अमेरिका, भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जबकि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर आयात शुल्क समाप्त या कम करेगा, जिसमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, पेड़ के मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं।
भाषा पाजेश राजेश माधव
माधव
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