नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को वाणिज्यिक जहाजों का भारत में पंजीकरण करने वाली भारतीय कंपनियों को सब्सिडी देने वाली योजना को पांच साल के लिए बढ़ाकर वित्त वर्ष 2030-31 तक कर दिया।
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस योजना के विस्तार से भारत के समुद्री बेड़े को मजबूत करने और वैश्विक पोत परिवहन में देश की उपस्थिति बढ़ाने की प्रतिबद्धता को बल मिलेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत जुलाई, 2021 में 1,624 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ इस सब्सिडी योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य सरकारी मालढुलाई के आयात के लिए मंत्रालयों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा जारी वैश्विक निविदाओं में भाग लेने वाली भारतीय पोत परिवहन कंपनियों को सब्सिडी देना है।
यह योजना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के अपने बजट भाषण में घोषित की थी।
इस योजना के तहत एक फरवरी, 2021 के बाद भारत में पंजीकृत और 10 वर्ष से कम उम्र के जहाजों को विदेशी कंपनियों की सबसे कम बोली (एल1) के मुकाबले 15 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है या भारतीय जहाज की बोली और विदेशी कंपनी की बोली के अंतर में से जो कम हो, वह राशि दी जाती है।
वहीं, एक फरवरी, 2021 तक भारत में पहले से पंजीकृत और 10 वर्ष से कम उम्र के जहाजों के लिए यह सब्सिडी 10 प्रतिशत तक है या बोली के अंतर के आधार पर तय होती है।
हालांकि 20 वर्ष से अधिक पुराने जहाज इस योजना के तहत सब्सिडी पाने के पात्र नहीं हैं।
मंत्रालय ने कहा कि योजना के विस्तारित दायरे को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर व्यय विभाग से अतिरिक्त धनराशि मांगी जाएगी।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण