नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (उप्र-रेरा) के चेयरमैन संजय आर भूसरेड्डी ने कहा है कि बुनियादी ढांचे में सुधार के चलते राज्य में संपत्ति बाजार तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उप्र-रेरा द्वारा 2026 में 400 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी जा सकती है। पिछले कैलेंडर साल में यह आंकड़ा 308 रहा था।
उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित रियल एस्टेट शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण के चेयरमैन भूसरेड्डी ने कहा कि राज्य का संपत्ति बाजार अब केवल लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद तक ही सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या, झांसी, हापुड़, बरेली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और गोंडा जैसे अन्य शहरों में भी रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी आई है।
भूसरेड्डी ने कहा, “यूपी-रेरा ने 2023 के कैलेंडर वर्ष में 197 परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। यह संख्या 2024 में बढ़कर 259 और 2025 में 308 हो गई। इस वर्ष अब तक हमने 108 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।’’
उन्होंने बताया कि पूरे 2026 में 400 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना है।
रेरा अधिनियम के तहत, रियल एस्टेट डेवलपर को अपनी परियोजनाओं को बिक्री के लिए पेश करने से पहले रेरा पंजीकरण संख्या प्राप्त करना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि रेरा कानून ने रियल एस्टेट कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच समान अवसर प्रदान किए हैं।
भूसरेड्डी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास, जिसमें जेवर हवाई अड्डा भी शामिल है, के कारण रियल एस्टेट की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि जहां भी राज्य सरकार ने एक्सप्रेसवे विकसित किए हैं, वहां रियल एस्टेट क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के चेयरमैन आनंद कुमार ने सभी हितधारकों से ईमानदारी बरतने, व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर काम करने और इस क्षेत्र को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने खरीदारों और विक्रेताओं दोनों के बीच रेरा अधिनियम के प्रति अधिक जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।
फिक्की के पूर्व अध्यक्ष और सोमानी इम्प्रेसा ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संदीप सोमानी ने कहा कि निवेशकों के बढ़ते भरोसे के बीच भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र वृद्धि के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है।
एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्स लि. के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी विपुल रूंगटा ने कहा कि भारत का दो-तिहाई रियल एस्टेट बाजार आवास क्षेत्र से संबंधित है। उन्होंने कहा कि युवा और आकांक्षी आबादी की वजह से आवासीय इकाइयों की मांग बढ़ेगी।
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