कमजोर वैश्विक कीमतों के कारण चालू विपणन सत्र में चीनी निर्यात 7.5-8 लाख टन रहने का अनुमान

कमजोर वैश्विक कीमतों के कारण चालू विपणन सत्र में चीनी निर्यात 7.5-8 लाख टन रहने का अनुमान

कमजोर वैश्विक कीमतों के कारण चालू विपणन सत्र में चीनी निर्यात 7.5-8 लाख टन रहने का अनुमान
Modified Date: May 1, 2026 / 12:24 pm IST
Published Date: May 1, 2026 12:24 pm IST

नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) देश का चीनी निर्यात प्रतिकूल वैश्विक मूल्य स्थिति के कारण चालू 2025-26 विपणन सत्र में केवल 7.5 से आठ लाख टन रहने का अनुमान है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।

चीनी का विपणन सत्र अक्टूबर से सितंबर तक होता है।

भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है जो निर्यात को कोटा प्रणाली के जरिये नियंत्रित करता है। इससे चीनी मिल को अनुपात के आधार पर कोटा दिया जाता है।

विपणन सत्र 2025-26 के लिए खाद्य मंत्रालय ने शुरुआत में 15 लाख टन निर्यात की अनुमति दी थी। इसके बाद पांच लाख टन का अतिरिक्त कोटा खोला गया जिसमें से अब तक केवल 87,587 टन की ही मंजूरी दी गई है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘ पूरे सत्र में वास्तविक निर्यात 7.5 से आठ लाख टन के आसपास रहने के आसार हैं। वर्तमान में किए जाने वाले निर्यातों के लिए वैश्विक कीमतों में कोई समानता नहीं है।’’

उन्होंने बताया कि तीन मार्च तक भारत पांच लाख टन चीनी का निर्यात कर चुका है लेकिन सत्र की शुरुआत में तेजी रहने के बावजूद मिल पूरे निर्यात कोटे का उपयोग नहीं कर पाएंगी।

देश में हाल के वर्षों में चीनी की खपत का तरीका बदला है और मांग में वृद्धि स्थिर हो गई है जिससे कुल खपत पर असर पड़ा है। इसके कारण उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद निर्यात के लिए उपलब्ध अधिशेष अपेक्षा से कम है।

इस सत्र में अब तक घरेलू चीनी उत्पादन 2.75 करोड़ टन तक रहा जबकि कुल उत्पादन 2.82 करोड़ टन रहने का अनुमान है। यह 2024-25 के 2.61 करोड़ टन से थोड़ा अधिक है।

भाषा निहारिका

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