सन फार्मा ने सस्ती दवाओं तक मरीजों की पहुंच बनाने के लिए अमेरिका सरकार से किया समझौता
सन फार्मा ने सस्ती दवाओं तक मरीजों की पहुंच बनाने के लिए अमेरिका सरकार से किया समझौता
नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने अमेरिकी मरीजों के लिए सस्ती दवाओं तक पहुंच को प्राथमिकता देने के मकसद से वहां की सरकार के साथ एक समझौता किया है।
भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में आयोजित एक समारोह के दौरान हुए इस समझौते के तहत कंपनी अमेरिकी राज्यों के मेडिकेड कार्यक्रमों के लिए ‘सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र’ (एमएफएन) मूल्य व्यवस्था लागू करेगी। यह व्यवस्था अमेरिका में कंपनी की भविष्य में पेश की जाने वाली नवोन्मेषी दवाओं पर भी लागू होगी।
एमएफएन मूल्य व्यवस्था का सामान्य अर्थ यह है कि खरीदार को किसी दवा के लिए उपलब्ध सबसे कम कीमत मिलती है।
सन फार्मा ने कहा कि कई अन्य दवा कंपनियों के साथ हुए इस समझौते में अमेरिका में उसके निवेश को भी मान्यता दी गई है। इसके तहत उसकी नवोन्मेषी दवा उत्पादों पर धारा 232 के तहत लगने वाले शुल्क को दो साल से अधिक समय के लिए टालने की व्यवस्था की गई है। कंपनी ने समझौते की अन्य शर्तों का खुलासा नहीं किया।
सन फार्मा के उत्तरी अमेरिका के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रिक एस्क्रॉफ्ट ने कहा, ‘‘अमेरिका सन फार्मा के लिए निवेश और विस्तार का प्रमुख क्षेत्र है।’’
रिक, व्हाइट हाउस में कंपनी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
अमेरिका सन फार्मा की नवोन्मेषी दवाओं के लिए सबसे बड़ा बाजार है और कंपनी के कुल वैश्विक राजस्व में इसकी हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत है।
भाषा
यासिर अजय
अजय

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