नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) सुनील भारती मित्तल ने उत्तराधिकार योजना की घोषणा की है। इसमें भारती एयरटेल की प्रवर्तक कंपनी भारती टेलीकॉम में उनके परिवार की अगली पीढ़ी को अधिक हिस्सेदारी मिलेगी।
मित्तल ने निवेशकों के साथ हाल ही में हुई एक बैठक में उत्तराधिकार योजना की घोषणा की थी।
उन्होंने 26 फरवरी को निवेशकों के साथ हुई एक बैठक में कहा कि उनके बच्चे स्वतंत्र रूप से अपने कारोबार को चला रहे हैं और भारती एयरटेल से बाहर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वहां वे अपनी असफलताओं, सफलताओं, चुनौतियों और विवादों को सुलझाने के तरीके सीख रहे हैं।
मित्तल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि एयरटेल और भारती एंटरप्राइजेज को अपना योगदान देने के लिए मेरे पास अभी कुछ साल बाकी हैं। लेकिन मेरे परिवार की अगली पीढ़ी विभिन्न रूपों और तरीकों से अपनी क्षमता बढ़ा रही है। मुझे लगता है कि कुछ वर्षों में आप उन्हें शेयरधारकों की बैठक में अधिक सक्रिय रूप से देखेंगे।’’
मित्तल के तीन बच्चे हैं… श्रविन मित्तल, केविन मित्तल और ईशा पसरीचा।
मित्तल ने कहा, ‘‘श्रविन पहले से ही एयरटेल अफ्रीका के लिए काम कर रहे हैं। जब हमने 2010 में कंपनी का अधिग्रहण किया था तब से लेकर 2012 तक वह परिचालन विभाग में थे और 2018 से वह एयरटेल अफ्रीका के बोर्ड में हैं। आने वाले वर्षों में आपको भारती परिवार की अगली पीढ़ी के कुछ सदस्य शेयरधारक मंचों पर दिखाई देंगे।’’
उन्होंने कहा कि भारती टेलीकॉम एयरटेल की प्रवर्तक है और वर्तमान में दूरसंचार कंपनी में लगभग 41 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है।
मित्तल ने कहा, ‘‘मेरी इच्छा है कि एक दिन भारती टेलीकॉम एयरटेल में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल कर ले। मेरे विचार से यह तभी संभव है जब एयरटेल भविष्य में भारी लाभांश दे या शेयर वापस खरीदे। यह मेरी इच्छा है, लेकिन अगर हमारे पास 41 प्रतिशत हिस्सेदारी भी है, तो आप मुझसे सहमत होंगे कि निफ्टी 10 कंपनी के रूप में, किसी भी प्रवर्तक के लिए 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी होना बहुत अच्छा है।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी अधिक लाभांश देना शुरू करेगी और दीर्घकालिक बेहतर रिटर्न के लिए निवेशकों से समर्थन मांगा।
मित्तल ने कहा कि हमारे कुछ मित्र निवेशक तब खुश नहीं थे जब एयरटेल ने 2010 में अफ्रीका में परिचालन शुरू करने का फैसला किया था, लेकिन अब एयरटेल अफ्रीका एक शानदार प्रदर्शन करने वाली कंपनी है और इसने दूरसंचार क्षेत्र के लिए 2016-19 की कठिन अवधि के दौरान भारतीय परिचालन में मदद की।
उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले कुछ वर्षों में एयरटेल अफ्रीका 10 अरब डॉलर के राजस्व वाली कंपनी बनने के लिए तैयार है… और एयरटेल इंडिया की एक बहुत मजबूत अनुषंगी कंपनी होगी जो कंपनी के लिए बहुत अच्छा रिटर्न उत्पन्न करेगी।’’
भाषा रमण अजय
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