Palghar gas leak: केमिकल प्लांट में बड़ा हादसा, पलभर में थम गई इतने लोगों की सांसें, दहशत में इधर उधर भागे लोग, इलाके में मचा हड़कंप

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पालघर की रासायनिक इकाई से जहरीली गैस का रिसाव, 458 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 08:55 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 09:12 PM IST

Palghar gas leak | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • भागेरिया केमिकल्स कंपनी (पूर्व में जेनिथ केमिकल्स) से ओलियम गैस का रिसाव
  • इस हादसे में 4 लोगों की मौत
  • 458 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

पालघर: Palghar gas leak महाराष्ट्र के पालघर जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक रासायनिक इकाई से सोमवार दोपहर को ओलियम (फ्यूमिंग सल्फ्यूरिक एसिड) गैस का रिसाव हुआ, इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है। ​जबकि 458 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोगों को आंखों में मामूली जलन की शिकायत हुई।

Palghar gas leak उन्होंने बताया कि एमआईडीसी डी-जोन क्षेत्र में स्थित भागेरिया केमिकल्स कंपनी (पूर्व में जेनिथ केमिकल्स के नाम से जानी जाती थी) की इकाई से जहरीली गैस का रिसाव हुआ, जिसके चलते जिला प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई की। जिला कलेक्टर और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की प्रमुख डॉ. इंदु रानी जाखड़ के अनुसार, यह घटना औद्योगिक क्षेत्र में सलवाड़ और पास्थल गांवों के पास स्थित कंपनी में अपराह्न करीब दो बजे हुई।

जाखड़ ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन तंत्र तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।” विज्ञप्ति में कहा गया है कि एहतियात के तौर पर, सलवाड़ और पास्थल के निवासियों को सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों से अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में सूचित किया गया था।

पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने शाम को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “घटना के बाद एहतियात के तौर पर भागेरिया इकाई परिसर से कुल 458 लोगों को निकाला गया। कुछ लोगों को आंखों में मामूली जलन की शिकायत हुई। एक व्यक्ति को बोइसर के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि एक-एक व्यक्ति को आनंद अस्पताल और संजीवनी अस्पताल ले जाया गया।” उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को मुताबिक इन लोगों की हालत स्थिर है।

अन्य अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन दल ने रिसाव के स्थान का पता लगा लिया है और फिलहाल उसे रोकने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने और गीले रुमाल, कपड़े या मास्क से अपनी नाक और मुंह ढकने की सलाह दी है, और यदि उपलब्ध हो तो दस्ताने और चश्मे जैसे सुरक्षात्मक उपकरण का उपयोग करने की सलाह दी है। विज्ञप्ति के अनुसार, गैस के संपर्क में आने की स्थिति में, लोगों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित त्वचा या आंखों को कम से कम 15 से 20 मिनट तक साफ पानी से धोएं और यदि संपर्क का प्रभाव न्यूनतम प्रतीत होता है, तब भी चिकित्सा सहायता लें। कलेक्टर जाखड़ ने निवासियों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

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ओलियम गैस का रिसाव क्यों खतरनाक है?

ओलियम गैस, जो फ्यूमिंग सल्फ्यूरिक एसिड के रूप में होती है, बेहद जहरीली होती है और इससे त्वचा और आंखों में जलन, श्वास संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या इस गैस के रिसाव से प्रभावित लोगों को तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है?

हां, गैस के संपर्क में आने से आंखों और त्वचा में जलन हो सकती है। ऐसे में तुरंत पानी से धोने और चिकित्सक से सलाह लेने की आवश्यकता होती है।

कंपनी में गैस रिसाव के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकाला, सुरक्षा निर्देश जारी किए, और गैस के रिसाव को रोकने के प्रयास किए।