न्यायालय ने भारती टेलीकॉम की शेयर पूंजी घटाने के फैसले को सही ठहराया
न्यायालय ने भारती टेलीकॉम की शेयर पूंजी घटाने के फैसले को सही ठहराया
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को भारती टेलीकॉम लिमिटेड (बीटीएल) के अल्पांश शेयरधारकों की याचिकाओं को खारिज करते हुए कंपनी की शेयर पूंजी घटाने के निर्णय को बरकरार रखा।
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि शेयरों का मूल्यांकन विशेषज्ञों का कार्य है और कंपनी ने कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किया है।
यह मामला भारती एयरटेल लिमिटेड की प्रवर्तक कंपनी बीटीएल द्वारा 2018 में लिए गए एक निर्णय से संबंधित है, जिसके तहत अल्पांश निवेशकों की लगभग 1.09 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले शेयरों को रद्द किया जाना था।
कंपनी ने शुरुआत में 163.25 रुपये प्रति शेयर की पेशकश की थी, जिसे बाद में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने बढ़ाकर 196.80 रुपये कर दिया था। इसके खिलाफ 35 शेयरधारकों ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।
अपीलकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि यह मूल्यांकन फर्जी और कीमतें मनमाने ढंग से कम रखी गई थीं।
पीठ ने अपील को खारिज करते हुए कहा कि ये अपीलकर्ता कोई साधारण निवेशक नहीं बल्कि मंझे हुए खिलाड़ी हैं।
अदालत ने इनकी तुलना ‘शिकार का इंतजार कर रही बिल्ली’ के धैर्य से करते हुए कहा कि इन्होंने शून्य लिस्टिंग और शून्य लाभांश के बावजूद जानबूझकर शेयरों को थामे रखा।
भाषा सुमित रमण
रमण

Facebook


