टाटा समूह का अपने वाहन कारोबार को अगले पांच साल में 100 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य
टाटा समूह का अपने वाहन कारोबार को अगले पांच साल में 100 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य
मुंबई, आठ जुलाई (भाषा) टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को कहा कि अगले पांच साल में समूह का वाहन कारोबार 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए घरेलू कारोबार में 40,000 करोड़ रुपये और जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) में लगभग 20 अरब ब्रिटिश पाउंड के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा गया है।
चंद्रशेखरन ने बुधवार को यहां कंपनी की 81वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को ऑनलाइन संबोधित करते हुए शेयरधारकों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में कंपनी का लक्ष्य 40-45 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी बनाए रखना है। वर्तमान में उसकी बाजार हिस्सेदारी लगभग 42 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2019-20 से 2029-30 की अवधि में बिक्री मात्रा में 10 गुना वृद्धि और 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘‘ मैं कहना चाहता हूं कि दोनों कंपनियों (टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड और टाटा मोटर्स लिमिटेड) ने बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। अगले पांच वर्षों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स कंपनी, जिसमें जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) भी शामिल है…का लक्ष्य 60 अरब अमेरिकी डॉलर की बिक्री का है। इसमें जेएलआर का योगदान लगभग 45-50 अरब अमेरिकी डॉलर और टाटा मोटर्स के घरेलू कारोबार का योगदान लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर रहने की उम्मीद है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ संयुक्त रूप से दोनों कंपनियों का लाभ पांच अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होगा। वाणिज्यिक वाहन (सीवी) कारोबार के लिए 40 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य रखा गया है, उसको शामिल करने पर दोनों कंपनियों का कुल वाहन कारोबार 100 अरब अमेरिकी डॉलर का होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ पूंजीगत व्यय के लिहाज से अगले पांच साल के लिए टाटा मोटर्स के घरेलू कारोबार का लक्ष्य 40,000 करोड़ रुपये है, जबकि जेएलआर का लक्ष्य लगभग 20 अरब ब्रिटिश पाउंड है।’’
यात्री वाहन कंपनी की कारोबारी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ आने वाले पांच वर्षों के लिए कंपनी की बड़ी महत्वाकांक्षा है। मूल रूप से वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2029-30 तक एक दशक की अवधि में कंपनी का लक्ष्य बिक्री मात्रा में 10 गुना वृद्धि करते हुए 12 लाख से अधिक वाहन बेचना और मौजूदा 14.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है।’’
चंद्रशेखरन ने कहा कि कुल मिलाकर कंपनी वृद्धि की राह पर है और टीएमपीवी आज के उपभोक्ताओं के लिए महत्वाकांक्षी उत्पाद पेश करने पर अपना ध्यान बनाए रखेगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की है। टाटा मोटर्स के यात्री वाहन कारोबार और जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) दोनों में नए उत्पादों तथा पावरट्रेन की मजबूत श्रृंखला तैयार है। जेएलआर इस वर्ष की दूसरी छमाही में कई नए उत्पाद पेश करेगी।
जेएलआर में करीब दो महीने तक उत्पादन ठप रहा। इसके परिणामस्वरूप कंपनी के राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत की गिरावट आई और उसका राजस्व लगभग 23 अरब ब्रिटिश पाउंड रहा।
उन्होंने कहा कि कंपनी मूल्य श्रृंखला में विशेष रूप से एआई सहित डिजिटल प्रौद्योगिकियों में उल्लेखनीय निवेश कर रही है। साथ ही, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और जेएलआर के बीच विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए सहयोग और मजबूत हो रहा है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि तमिलनाडु में टीएमएल पीवी और जेएलआर की इकाई में परिचालन की सफल शुरुआत भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
टीएमपीवी और उसकी अनुषंगी कंपनी जगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव ने इस वर्ष फरवरी में तमिलनाडु के रानीपेट जिले के पनपक्कम स्थित अपनी नई इकाई में परिचालन शुरू किया था।
चंद्रशेखरन ने कहा कि यात्री वाहन और वाणिज्यिक वाहन कारोबार को अलग कर दो स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनियां बनाने का निर्णय ‘‘बेहद निर्णायक कदम’’ है। यह केवल एक संरचनात्मक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत में मजबूत मौजूदगी और टाटा मोटर्स तथा जेएलआर के माध्यम से वैश्विक उपस्थिति वाले भविष्य के लिए तैयार, विश्वस्तरीय व्यक्तिगत परिवहन उद्यम के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत वैश्विक स्तर पर स्थिर वृद्धि, मुद्रास्फीति में नरमी और वित्तीय परिस्थितियों में सुधार की उम्मीदों के साथ अच्छी रही।
चेयरमैन ने कहा कि हालांकि, आपूर्ति श्रृंखला संबंधी समस्याओं और वित्त वर्ष के अंत में पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव ने मुद्रास्फीति के दबाव और धीमी आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं।
उन्होंने कहा, ‘‘ इसके अलावा जेएलआर में साइबर हमले के कारण लगभग दो महीने तक उत्पादन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।’’
चंद्रशेखरन ने कहा कि ऐसे माहौल में जुझारू क्षमता और प्रभावी क्रियान्वयन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद कंपनी ने भारत में बहुत मजबूत प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ जिस कारोबार से पहले 4,000 करोड़ रुपये का नकदी बहिर्वाह दर्ज किया गया था, वह अब 2,000 करोड़ रुपये का सकारात्मक नकदी प्रवाह देने लगा है। कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का सुधार हुआ है। उतनी ही महत्वपूर्ण बात यह है कि नए उत्पादों की सफल पेशकश से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 4.2 प्रतिशत से बढ़कर इस वर्ष 14.2 प्रतिशत हो गई है।’’
भाषा निहारिका अजय
अजय

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