राजस्थान रिफाइनरी में आग की जांच के लिए टीम गठित, एचपीसीएल का कोई असर न पड़ने का दावा

राजस्थान रिफाइनरी में आग की जांच के लिए टीम गठित, एचपीसीएल का कोई असर न पड़ने का दावा

राजस्थान रिफाइनरी में आग की जांच के लिए टीम गठित, एचपीसीएल का कोई असर न पड़ने का दावा
Modified Date: April 21, 2026 / 05:52 pm IST
Published Date: April 21, 2026 5:52 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के बालोतरा में नवनिर्मित रिफाइनरी में आग लगने की घटना की जांच के लिए एक चार-सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की एचपीसीएल ने इस घटना के कारण वित्तीय या परिचालन प्रदर्शन पर कोई खास असर पड़ने की आशंका से इनकार किया है।

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि 20 अप्रैल को इस रिफाइनरी में स्थित कच्चे तेल की डिस्टिलेशन इकाई में आग लग गई थी। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि हीट एक्सचेंजर सर्किट में किसी वाल्व या फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन का रिसाव होने से यह हादसा हुआ।

एचपीसीएल के मुताबिक, आग हीट एक्सचेंजर तक ही सीमित रही और वहां मौजूद आपातकालीन टीम ने जल्द ही इस पर काबू पा लिया। इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।

हालांकि एहतियात के तौर पर कच्चा तेल डिस्टिलेशन इकाई, वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (वीडीयू) और उससे जुड़े अन्य हिस्सों को अलग कर दिया गया।

एचपीसीएल ने कहा कि रिफाइनरी के किसी अन्य हिस्से पर इस घटना का असर नहीं पड़ा है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी में हुई आग की जांच के लिए एमआरपीएल के पूर्व प्रबंध निदेशक एम वेंकटेश के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है।

शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि इस घटना की वजह से परियोजना को चालू करने की समय-सीमा में अगर देरी होती है, तो उसका आकलन जांच पूरी होने के बाद ही किया जा सकेगा।

मंत्रालय के अनुसार, टीम घटना के कारणों का पता लगाने और आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुझाने के लिए जांच कर रही है।

इस बीच, एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम में संचालित इस रिफाइनरी के प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसका उद्घाटन मंगलवार को ही करना था लेकिन अब इसके लिए नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।

करीब 79,450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह रिफाइनरी परियोजना राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित है और एक जुलाई से इसका वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था।

यह रिफाइनरी 90 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाली रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर है जिसमें पेट्रोरसायन उत्पादन पर विशेष जोर दिया गया है। परियोजना का उद्देश्य उच्च मूल्य वाले उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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