कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा मजबूत करने को टेक महिंद्रा, सिस्को ने की भागीदारी

कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा मजबूत करने को टेक महिंद्रा, सिस्को ने की भागीदारी

कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा मजबूत करने को टेक महिंद्रा, सिस्को ने की भागीदारी
Modified Date: May 15, 2026 / 04:18 pm IST
Published Date: May 15, 2026 4:18 pm IST

नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) उद्योगों को साइबर खतरे से निपटने में मदद के लिए प्रौद्योगिकी कंपनी टेक महिंद्रा ने नेटवर्किंग और सुरक्षा से जुड़ी अमेरिकी कंपनी सिस्को के साथ भागीदारी की घोषणा की है।

टेक महिंद्रा ने एक बयान में कहा कि इस भागीदारी के तहत दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से ‘साइबर रेजिलिएंस फैब्रिक’ नाम का एक संयुक्त सुरक्षा समाधान पेश करेंगी। इसका उद्देश्य उद्यमों को जटिल होते साइबर खतरे के माहौल में डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने में मदद करना है।

बयान के अनुसार, ‘साइबर रेजिलिएंस फैब्रिक’ एक ऐसी प्रणाली है जो सिस्को के उद्यम सुरक्षा समाधान… स्प्लंक और टेक महिंद्रा के खतरे मापने और उसके प्रबंधन से जुड़े मंच (रिस्क स्कोरिंग) को जोड़ता है। इससे कंपनियों को वास्तविक समय पर यह पता चलता है कि कहां साइबर खतरा है, कितना बड़ा है और क्या करना चाहिए।

इसमें कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से डेटा का विश्लेषण किया जाता है जिससे सही फैसले जल्दी लिए जा सकते हैं। यह प्रणाली खास तौर पर बड़ी कंपनियों के आईटी एवं सुरक्षा प्रमुखों के लिए तैयार की गई है ताकि वे अपनी प्रणाली की सुरक्षा पर नजर रख सकें, नियमों का पालन करें और काम बिना रुकावट के चलता रहे।

टेक महिंद्रा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं व्यापार प्रमुख (क्लाउड, इंफ्रास्ट्रक्चर, नेटवर्क और साइबर सुरक्षा सेवाएं) साकेत सिंह ने कहा, ‘‘ आज के अत्यधिक जुड़े हुए कारोबारी माहौल में साइबर खतरों का आकार और जटिलता तेजी से बढ़ रही है। इससे पारंपरिक सुरक्षा प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है जिसके कारण खतरे पहचानने में देरी होती है और प्रतिक्रिया बिखरी हुई रहती है।’’

उन्होंने कहा कि सिस्को के साथ साझेदारी के जरिये इस चुनौती का समाधान किया जा रहा है। इसमें जोखिम से जुड़ी जानकारी और एआई आधारित विश्लेषण को मिलाकर कंपनियों को सतर्क कर प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से तैयारी करने एवं जोखिम आधारित फैसले लेने में मदद मिलेगी।

सिंह ने कहा कि ‘साइबर रेजिलिएंस फैब्रिक’ से खतरों की पहचान तेजी से होगी, प्राथमिकता के आधार पर प्रतिक्रिया दी जा सकेगी और कंपनियों की परिचालन क्षमता अधिक मजबूत होगी।

भाषा निहारिका रमण

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