बागवानी सब्सिडी योजना के लाभ अब मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को नहीं मिलेंगे

बागवानी सब्सिडी योजना के लाभ अब मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को नहीं मिलेंगे

बागवानी सब्सिडी योजना के लाभ अब मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को नहीं मिलेंगे
Modified Date: August 24, 2026 / 09:30 pm IST
Published Date: August 24, 2026 9:30 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) की वाणिज्यिक बागवानी और शीत भंडारण योजनाओं के तहत आर्थिक मदद पाने के लिए पात्रता के नियम कड़े कर दिए हैं। अब संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के अलावा मौजूदा मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौरों और जिला पंचायत अध्यक्षों समेत कई श्रेणियों के लोग योजना के लाभ से बाहर होंगे।

नए दिशानिर्देश 21 अगस्त को जारी किए गए और इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों एवं विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त निकायों तथा स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को भी एनएचबी की आर्थिक मदद के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है। हालांकि, एमटीएस, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इस प्रावधान के दायरे से बाहर हैं।

इसके अलावा, सेवानिवृत्त या पेंशन पाने वाले ऐसे लोग, जिनकी मासिक पेंशन 10,000 रुपये या उससे अधिक है, भी योजना के तहत पात्र नहीं होंगे।

संशोधित दिशानिर्देशों के मुताबिक, इन श्रेणियों में आने वाले लोगों के परिवार के सदस्य योजना के तहत एक बार आर्थिक मदद प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते वे ‘परिवार’ की संशोधित परिभाषा के तहत पात्र हों।

इसके तहत ‘परिवार’ में आवेदक के जीवनसाथी, माता-पिता, बेटे और बेटियां शामिल होंगे। एक परिवार से केवल एक सदस्य ही एनएचबी योजनाओं के तहत आर्थिक मदद के लिए पात्र होगा। दिशानिर्देशों के अनुसार, परिवार के किसी भी सदस्य को दी गई आर्थिक मदद को उसी परिवार को दी गई मदद माना जाएगा।

एनएचबी ने कहा कि नियमों में संशोधन का उद्देश्य आर्थिक मदद को तर्कसंगत बनाना, लाभ का समान वितरण सुनिश्चित करना, सब्सिडी के दोहराव को रोकना तथा योजनाओं के कार्यान्वयन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब कुछ सप्ताह पहले यह बात सामने आई थी कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और भाजपा सांसद लुंबा राम ने एनएचबी की योजना का लाभ लिया था।

कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने 28 जुलाई को संसद को बताया था कि चौधरी ने संबंधित बैंक को सब्सिडी की राशि वापस कर दी है और बैंक को यह रकम एनएचबी को लौटाने का निर्देश दिया गया है।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम


लेखक के बारे में