केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी तक सालाना लक्ष्य का 63 प्रतिशत
केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी तक सालाना लक्ष्य का 63 प्रतिशत
नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी के अंत तक 9.8 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट लक्ष्य का 63 प्रतिशत है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 74.5 प्रतिशत था। केंद्र सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत, यानी 15.58 लाख करोड़ रुपये रहेगा।
महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 तक केंद्र को कुल 27.08 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो संशोधित अनुमान (आरई) के तहत 2025-26 की कुल प्राप्तियों का 79.5 प्रतिशत है। इसमें 20.94 लाख करोड़ रुपये का कर राजस्व, 5.57 लाख करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व और 57,129 करोड़ रुपये की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं।
सीजीए के आंकड़ों के अनुसार, भारत सरकार ने करों के हिस्से के रूप में राज्यों को 11.39 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 65,588 करोड़ रुपये अधिक हैं।
इसके अलावा, भारत सरकार का कुल व्यय 36.9 लाख करोड़ रुपये रहा, जो संशोधित अनुमान 2025-26 का 74.3 प्रतिशत है। इसमें से 28.47 लाख करोड़ रुपये राजस्व मद और 8.42 लाख करोड़ रुपये पूंजी मद में खर्च किए गए।
कुल राजस्व व्यय में 9.88 लाख करोड़ रुपये ब्याज भुगतान और 3.54 लाख करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडी पर खर्च हुए।
भाषा योगेश रमण
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