CG Assembly Special Session: विधानसभा में पारित हुआ महिला आरक्षण पर शासकीय संकल्प, विपक्ष ने किया कार्यवाही का बहिष्कार, सीएम साय ने कांग्रेस को दी ये चेतावनी

विधानसभा में पारित हुआ महिला आरक्षण पर शासकीय संकल्प, विपक्ष ने किया कार्यवाही का बहिष्कार, CG Assembly Special Session Sai Statement

CG Assembly Special Session: विधानसभा में पारित हुआ महिला आरक्षण पर शासकीय संकल्प, विपक्ष ने किया कार्यवाही का बहिष्कार, सीएम साय ने कांग्रेस को दी ये चेतावनी
Modified Date: April 30, 2026 / 09:36 pm IST
Published Date: April 30, 2026 9:36 pm IST

रायपुरः CG Assembly Special Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज 33% महिला आरक्षण को लेकर शासकीय संकल्प पेश किया गया। दिनभर चली चर्चा के बाद विधानसभा में यह संकल्प अब पारित हो गया है, हालांकि विपक्षी विधायकों ने सदन का बहिष्कार कर दिया था। विपक्ष की गैरमौजूदगी में संकल्प पारित हुआ है। इसे लेकर सदन में पिछले 8 घंटे से चर्चा हो रही थी। सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच कई बार तीखी नोंक-झोंक भी हुई।

CG Assembly Special Session:  सीएम साय ने कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष ने परिसीमन और जनगणना जैसे मुद्दों को लेकर इसका विरोध किया, जो समझ से परे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि परिसीमन होता तो संसदीय क्षेत्रों का विस्तार और पुनर्गठन होता, जिससे अधिक लोगों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे रायगढ़ से चार बार सांसद रहे हैं और वहां का क्षेत्र करीब 350 किलोमीटर तक फैला हुआ है। ऐसे बड़े क्षेत्र में एक सांसद के लिए हर जगह पहुंच पाना बेहद कठिन होता है। प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि इस बिल का श्रेय कोई भी ले सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इस मुद्दे पर अपनी बात बेहद सरलता से रखी, लेकिन विपक्ष ने अनावश्यक रूप से विरोध किया।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि देश और प्रदेश की जनता उन्हें इस विरोध के लिए कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी समय है कि सभी दल मिलकर इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करें, जिससे जनता में आक्रोश कम हो सके। महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए जितना कार्य किया है, उतना कांग्रेस ने पांच दशकों में भी नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय समाज की बहन द्रौपदी मूर्मु को देश के सर्वोच्च पद पर आसीन कराना इसी सोच का परिणाम है।

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