Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident: एक तूफान और बांध में समा गई 4 जिंदगी! 10 साल की बच्ची ने बताई हादसे की पूरी दास्तां, रेक्स्यू के लिए अब आम जनता ने बढ़ाया हाथ

एक तूफान और बांध में समा गई 4 जिंदगी! 10 साल की बच्ची ने बताई हादसे की पूरी दास्तां, Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident

Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident: एक तूफान और बांध में समा गई 4 जिंदगी! 10 साल की बच्ची ने बताई हादसे की पूरी दास्तां, रेक्स्यू के लिए अब आम जनता ने बढ़ाया हाथ
Modified Date: April 30, 2026 / 10:18 pm IST
Published Date: April 30, 2026 10:18 pm IST

जबलपुरः Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई। अचानक आई आंधी के कारण ये हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंची। रुक-रुककर हो रही बारिश रेस्क्यू ऑपरेशन खलल डाल रही है, लेकिन रेस्क्यू टीम इस काम को पूरा करने में जुटी हुई है। सीएम मोहन यादव सहित कई नेताओं ने हादसे पर दुख जताया है।

हादसे में बचाई गई 10 साल की बच्ची ने हादसे को लेकर बताया कि माता पिता और भाई अब भी लापता हैं। अचानक तेज हवा से क्रूज़ में पानी भर गया था। क्रूज़ में बाढ जैसे हाल बन गए थे। अचानक डगमगा कर क्रूज़ डूब गया। 2 घंटे से ज्यादा क्रूज़ में फंसे रियाज़ हुसैन ने कहा कि अचानक आंधी आने से क्रूज पलट गया था। वहीं मौके पर पहुंचे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने हादसे को बेहद पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता लापता लोगों को खोजना और सुरक्षित बचाना है। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, SDRF और पुलिस की टीमें मौके पर तैनात हैं और लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घटना की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला’

Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident क्रूज पायलट महेश ने बताया कि वह पिछले 10 साल से क्रूज चला रहा है और पूरी तरह प्रशिक्षित व लाइसेंसधारी है। उनके मुताबिक क्रूज में सभी सुरक्षा इंतजाम और पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिल सका।

मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।