दस साल में एक जीबी मोबाइल डेटा की कीमत 97 प्रतिशत घटी, खपत 128 गुना बढ़ी: जियो

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दस साल में एक जीबी मोबाइल डेटा की कीमत 97 प्रतिशत घटी, खपत 128 गुना बढ़ी: जियो

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 02:57 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 02:57 PM IST

मुंबई, 25 अगस्त (भाषा) देश में पिछले एक दशक में एक जीबी मोबाइल डेटा की कीमत में करीब 97 प्रतिशत की कमी आई है। इसी अवधि में प्रति ग्राहक औसत मासिक वायरलेस डेटा खपत में भी 128 गुना की बढ़ोतरी हुई है।

देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ ये आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 2016 में एक जीबी मोबाइल डेटा की कीमत औसतन करीब 228 रुपये थी, जो अब घटकर लगभग 7.51 रुपये रह गई है। वहीं इस दौरान डेटा की प्रति व्यक्ति मासिक खपत जो 0.2 जीबी से भी कम थी, दिसंबर 2025 तक 26.7 जीबी पर पहुंच गई है।

इसी अवधि में मोबाइल डाउनलोड स्पीड भी 2.5 एमबीपीएस से बढ़कर 68 एमबीपीएस से अधिक हो गई है।

आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही रिलायंस जियो के पांच सितंबर को व्यावसायिक परिचालन के 10 साल पूरे हो जाएंगे।

रिलायंस जियो ने सलाहकार कंपनी ‘एनालिसिस मेसन’ की रिपोर्ट और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि एक दशक में मोबाइल इंटरनेट के इस्तेमाल में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। इसी अवधि में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड भी करीब 27 गुना बढ़ी है।

नवी मुंबई स्थित रिलायंस कॉरपोरेट पार्क (आरसीपी) में संवाददाताओं के साथ बातचीत में अधिकारी ने कहा कि 2016 में मोबाइल ब्रॉडबैंड तक पहुंच सीमित थी और डेटा की ऊंची कीमतों के कारण लोग इसका इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक ही करते थे।

उन्होंने कहा कि किफायती डेटा और तेज नेटवर्क की उपलब्धता बढ़ने के साथ मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल अब सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है। आज इसका इस्तेमाल पेशेवरों के साथ-साथ सूचना, शिक्षा और डिजिटल भुगतान जैसी गतिविधियों में भी बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि डेटा की कीमतों में कमी के बाद अब डिजिटल पहुंच बढ़ाने के लिए किफायती उपकरणों की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण चुनौती है। उन्होंने कम कीमत वाले 4जी उपकरण और ऐसी डिजिटल सेवाओं की जरूरत बताई जिनका इस्तेमाल महंगे स्मार्टफोन के बिना भी किया जा सके।

अधिकारी ने कहा कि कंपनी का ध्यान भारत में प्रौद्योगिकी और उपकरणों के विकास पर भी है, ताकि डिजिटल सेवाओं की पहुंच अधिक लोगों तक बढ़ाई जा सके।

भाषा योगेश अजय

अजय रमण

अजय

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