मुंबई, 22 अप्रैल (भाषा) रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में लगातार तीसरे सत्र में कमजोर बना रहा और 31 पैसे टूटकर 93.75 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया शांति समझौते को लेकर अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से घरेलू मुद्रा दबाव में है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और विदेशी पूंजी की निकासी ने भारतीय मुद्रा पर और दबाव डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.69 प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 93.76 तक लुढ़क गया। बाद में यह 93.75 प्रति डॉलर पर कारोबार करने लगा जो पिछले बंद भाव से 31 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
रुपया मंगलवार को 28 पैसे की गिरावट के साथ 93.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 98.21 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 362.78 अंक या 0.46 प्रतिशत टूटकर 78,910.55 अंक पर जबकि निफ्टी 90.70 अंक या 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,485.90 अंक पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.20 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,918.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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