रुपया 41 पैसे उछलकर 91.64 प्रति डॉलर पर बंद

रुपया 41 पैसे उछलकर 91.64 प्रति डॉलर पर बंद

रुपया 41 पैसे उछलकर 91.64 प्रति डॉलर पर बंद
Modified Date: March 5, 2026 / 09:24 pm IST
Published Date: March 5, 2026 9:24 pm IST

मुंबई, पांच मार्च (भाषा) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बृहस्पतिवार अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरकर 41 पैसे चढ़कर 91.64 पर बंद हुआ।

घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संदिग्ध हस्तक्षेप की खबरों के कारण भारतीय मुद्रा में यह उछाल आया।

विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण पैदा हुई अनिश्चितताओं और अत्यधिक उतार-चढ़ाव से स्थानीय मुद्रा को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने हस्तक्षेप किया। हालांकि, डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी निकासी ने रुपये पर दबाव बनाए रखा।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.16 पर खुला और कारोबार के दौरान 91.30 के उच्चस्तर तक पहुंचा। कारोबार के अंत में यह 91.64 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 41 पैसे की बढ़त है।

बुधवार को रुपया 56 पैसे टूटकर 92.05 प्रति डॉलर के अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। इससे पहले सोमवार को भी इसमें 41 पैसे की गिरावट दर्ज की गई थी।

मंगलवार को होली के कारण विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहा।

डीबीएस बैंक इंडिया के कार्यकारी निदेशक और व्यापार प्रमुख, समीर करयाट के मुताबिक, ‘‘पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय रुपये पर काफी असर डाला है। कच्चे तेल की आपूर्ति और तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर चिंताओं ने रुपये की विनिमय दर पर दबाव डाला है।’’

उन्होंने कहा कि मौजूदा अनिश्चित माहौल में सुरक्षित निवेश वाली परिसंपत्तियों की ओर झुकाव होने से रुपये पर यह दबाव और बढ़ गया है, जिससे इस हफ्ते विनिमय दर में लगभग 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई है।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.31 प्रतिशत बढ़कर 99.07 पर रहा।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 2.84 प्रतिशत बढ़कर 83.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष बृहस्पतिवार को भी जारी रहा।

बुधवार को एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने के बाद ईरान की मिसाइलें इजराइल पर गिरीं। ईरान ने क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक ढांचे को निशाना बनाने की भी चेतावनी दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत के आयात बिल में तेज बढ़ोतरी का खतरा है, क्योंकि देश की लगभग 85 प्रतिशत ईंधन जरूरतें आयात से पूरी होती हैं।

घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 899.71 अंक चढ़कर 80,015.90 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 285.40 अंक बढ़कर 24,765.90 अंक पर पहुंच गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बुधवार को 8,752.65 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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