पूर्वोत्तर राज्यों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए टीपीसीआई-नेरामैक में समझौता

पूर्वोत्तर राज्यों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए टीपीसीआई-नेरामैक में समझौता

पूर्वोत्तर राज्यों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए टीपीसीआई-नेरामैक में समझौता
Modified Date: May 30, 2026 / 06:42 pm IST
Published Date: May 30, 2026 6:42 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) उद्योग मंडल भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) ने शनिवार को कहा कि उसने पूर्वोत्तर क्षेत्र के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उत्तर – पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम लिमिटेड (नेरामैक) के साथ एक समझौता किया है।

परिषद ने 29 मई को गुवाहाटी में भारतीय खाद्य विनिर्माण क्षेत्र पर एक सम्मेलन आयोजित किया था।

टीपीसीआई ने एक बयान में कहा, “पूर्वोत्तर क्षेत्र के उत्पादों को बढ़ावा देने और बेहतर बाजार पहुंच तथा व्यापारिक अवसरों के माध्यम से क्षेत्र के आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए टीपीसीआई ने नेरामैक के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।”

बयान के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी में नवीनतम प्रगति पर चर्चा करना और इस क्षेत्र पर उनके परिवर्तनकारी प्रभावों का आकलन करना था।

टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा, “इस सम्मेलन का उद्देश्य जनवरी 2027 में दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होने वाले इंडसफूड शो के बारे में आगंतुकों और प्रतिभागियों को जोड़ना तथा उन्हें इसके अवसरों से अवगत कराना था।”

बयान में कहा गया कि पूर्वोत्तर भारत को बागवानी क्षेत्र में प्राकृतिक बढ़त हासिल है। यहां अनानास, संतरा, केला, कटहल, कीवी, पैशन फ्रूट और टमाटर का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है।

परिषद ने कहा, ‘‘इसके बावजूद, इस उपज का अधिकांश भाग कच्चे रूप में बेचा जाता है, जिससे मूल्य प्राप्ति सीमित हो जाती है और कटाई के बाद होने वाले नुकसान बढ़ जाते हैं। इन उत्पादों का घरेलू और वैश्विक बाजारों में अच्छा मूल्य हैं। फिर भी अधिकांश उपज सीमित मूल्यवर्धन के साथ कच्ची ही बेची जाती है।’’

भाषा योगेश रमण

रमण


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