ट्राई ने एआई आधारित कॉलर आईडी से चिह्नित स्पैमर्स पर कार्रवाई अनिवार्य की

ट्राई ने एआई आधारित कॉलर आईडी से चिह्नित स्पैमर्स पर कार्रवाई अनिवार्य की

ट्राई ने एआई आधारित कॉलर आईडी से चिह्नित स्पैमर्स पर कार्रवाई अनिवार्य की
Modified Date: September 29, 2026 / 12:38 am IST
Published Date: September 29, 2026 12:38 am IST

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) दूरसंचार कंपनियों के लिए एआई आधारित कॉलर पहचान प्रणाली से चिह्नित फोन या स्पैमर्स के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है और इसके लिए ग्राहकों की शिकायत की भी जरूरत नहीं होगी। ट्राई की सोमवार को जारी अधिसूचना से यह जानकारी मिली।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। इसके तहत दूरसंचार कंपनियों को स्पैमर के रूप में चिह्नित प्रेषकों की केवाईसी (ग्राहक को जानो) प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। इसमें फोन कनेक्शन काटने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून लागू करने वाली एजेंसियों में शिकायत दर्ज कराने जैसे कदम शामिल हैं।

अधिसूचना के अनुसार, किसी दूरसंचार कंपनी को अपने एआई या मशीन लर्निंग आधारित सिस्टम से ‘‘संदिग्ध स्पैम’’ के रूप में चिह्नित कोई ‘इनकमिंग कॉल’ मिलती है, तो उसे इसका विवरण दो घंटे के भीतर उस दूरसंचार कंपनी (ओरिजिनेटिंग एक्सेस प्रोवाइडर) के साथ साझा करना होगा, जिसके नेटवर्क से यह ‘कॉल’ आई है।

भाषा आशीष अमित

अमित


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