आईसीएआर के दो संस्थान पहली बार वैश्विक रैंकिंग में, आईवीआरआई शीर्ष 100 में शामिल
आईसीएआर के दो संस्थान पहली बार वैश्विक रैंकिंग में, आईवीआरआई शीर्ष 100 में शामिल
नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के दो प्रमुख संस्थानों ने पहली बार विषय 2026 के आधार पर ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग’ में जगह बनाई है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार, आईसीएआर-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली ने पशु चिकित्सा विज्ञान में 51-100 के दायरे में स्थान हासिल किया है। इससे संस्थान उस श्रेणी में दुनिया के शीर्ष -100 में शामिल होने वाला एकमात्र भारतीय संस्थान बन गया है।
आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली ने कृषि और वानिकी में 151-200 दायरे में शामिल है।
ब्रिटेन स्थित एनालिटिक्स फर्म क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स द्वारा मंगलवार को जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में दुनिया भर के 1,900 से अधिक विश्वविद्यालयों में 21,000 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रमों का मूल्यांकन किया गया है। इसमें शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, प्रति पेपर शोध उद्धरण और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क सहित तमाम मापदंडों का उपयोग किया गया है।
कृषि और वानिकी श्रेणी में, वैश्विक स्तर पर रैंकिंग वाले 475 संस्थानों में 10 भारतीय विश्वविद्यालय शामिल हैं।
आईएआरआई के साथ, 151-200 के दायरे (बैंड) में में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और आईआईटी खड़गपुर शामिल हैं। तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (टीएनएयू) 201-250 बैंड में दिखाई दिया, जबकि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने 301-350 बैंड में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराई।
आईसीएआर के महानिदेशक एम एल जाट ने कहा कि रैंकिंग कृषि-खाद्य और स्वास्थ्य प्रणालियों में बुनियादी और व्यावहारिक विज्ञान में संस्थानों के ‘‘निरंतर बहुआयामी योगदान’’ और मौलिक अनुसंधान, अनुवाद विज्ञान और क्षेत्र-स्तरीय पहुंच के संयोजन वाले उनके एकीकृत मॉडल को दर्शाती है।
यह रैंकिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिसंबर 2025 में मुख्य सचिवों के सम्मेलन में विकसित भारत एजेंडे के केंद्रीय मुद्दे के रूप में कुशल मानव पूंजी विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देने के कुछ सप्ताह बाद आई है।
भाषा राजेश राजेश रमण
रमण

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