UPI Payment Charges: किराने से लेकर पेट्रोल पंप तक… अब कहां कितना लगेगा MDR? सरकार ने किसे दी बड़ी राहत?

UPI Payment Charges: सरकार ने UPI पर किसी भी तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म चार्ज या छिपे शुल्क पर रोक लगाई है। बैंकों को निर्देश है कि व्यापारी इसका भार ग्राहकों पर न डालें। व्यक्तिगत UPI भुगतान पर न मासिक कोटा होगा, न मुफ्त लेनदेन की कोई सीमा तय की जाएगी।

UPI Payment Charges: किराने से लेकर पेट्रोल पंप तक… अब कहां कितना लगेगा MDR? सरकार ने किसे दी बड़ी राहत?

(UPI Payment Charges/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: September 16, 2026 / 11:20 am IST
Published Date: September 16, 2026 11:06 am IST
HIGHLIGHTS
  • UPI पर छिपे डिजिटल प्लेटफॉर्म चार्ज की अनुमति नहीं होगी।
  • छोटे व्यापारियों को शून्य MDR का लाभ मिलता रहेगा।
  • 2,000 रुपये से ज्यादा के ईंधन भुगतान पर 5 रुपये फ्लैट MDR होगा।

बिजनेस: UPI Payment Charges: UPI भुगतान को लेकर (UPI Payment Charges) सरकार ने नई व्यवस्था स्पष्ट कर दी है। UPI ऐप उपलब्ध कराने वाली कंपनियां डिजिटल प्लेटफॉर्म चार्ज या किसी तरह का छिपा शुल्क नहीं लगा सकेंगी। बैंकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि व्यापारी किसी नए शुल्क का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डालें। व्यक्तिगत UPI भुगतान पर मासिक ट्रांजैक्शन लिमिट भी नहीं होगी।

छोटे कारोबारियों को राहत

UPI QR कोड के जरिए हर महीने एक लाख रुपये तक का भुगतान पाने वाले छोटे व्यापारियों को शून्य MDR का फायदा मिलता रहेगा। हालांकि, अगर कोई व्यापारी लगातार तीन महीने तक हर महीने एक लाख रुपये से ज्यादा का कारोबार करता है तो उसे सामान्य P2M कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि नई व्यवस्था से केवल करीब 4 फीसदी व्यापारी लेनदेन प्रभावित होंगे।

किन भुगतानों पर लागू होगा नियम?

नई MDR व्यवस्था सीधे ग्राहक के बैंक खाते से व्यापारी के बैंक खाते में होने वाले UPI भुगतान पर लागू होगी। UPI के जरिए RuPay क्रेडिट कार्ड या पहले से स्वीकृत क्रेडिट लाइन से किए गए भुगतान इसके अलग नियमों के तहत आएंगे। सरकार का कहना है कि अधिकांश छोटे भुगतान या तो 2,000 रुपये तक के हैं या मौजूदा छूट के दायरे में आते हैं।

बीमा और यूटिलिटी बिल पर फ्लैट शुल्क

2,000 रुपये से अधिक के बीमा प्रीमियम भुगतान (UPI Payment Charges) पर प्रतिशत के बजाय 5 रुपये का फ्लैट MDR रखा गया है। बिजली, पानी और पाइप्ड गैस जैसे उपयोगिता वाले बिलों पर भी 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान के लिए 5 रुपये का शुल्क होगा। 2,000 रुपये तक के ऐसे भुगतान पर MDR शून्य रहेगा। इससे बड़े बिलों पर प्रतिशत आधारित शुल्क का असर कम होगा।

पेट्रोल पंप और ऑटो-पे पर क्या होगा?

पेट्रोल पंप पर 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान के लिए 5 रुपये का फ्लैट MDR लागू होगा, जबकि 2,000 रुपये तक भुगतान पर शुल्क शून्य रहेगा। वहीं UPI ऑटो-पे या मैंडेट से होने वाले नियमित भुगतान पर यह MDR लागू नहीं होगा। बिजली-पानी के बिल, OTT सब्सक्रिप्शन और म्यूचुअल फंड जैसे नियमित भुगतान इससे प्रभावित नहीं होंगे।

छोटे कारोबारियों के लिए बनेगा अलग फंड

सरकार ने UPI को छोटे कारोबारियों के बीच बढ़ावा देने के लिए एक अलग फंड बनाने का फैसला किया है। इसमें MDR से मिलने वाली राशि का 5 फीसदी (UPI Payment Charges) योगदान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य छोटे दुकानदारों में UPI स्वीकार करने और लगातार डिजिटल भुगतान लेने की प्रवृत्ति बढ़ाना है। मौजूदा QR कोड भी चलते रहेंगे और व्यापारियों को नया QR लेने की जरूरत नहीं होगी।

MDR आखिर है क्या?

MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी या संस्था से लिया जाता है। यह रकम भुगतान प्रक्रिया में शामिल बैंक, पेमेंट नेटवर्क और सेवा प्रदाताओं की लागत पूरी करने में इस्तेमाल होती है। जनवरी 2020 से UPI पर शून्य MDR व्यवस्था लागू थी। अब नई व्यवस्था का मकसद डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ UPI सिस्टम को लंबे समय तक आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।