यूपीआई लेनदेन मूल्य वित्त वर्ष 2025-26 में 314 लाख करोड़ रुपये के पार

यूपीआई लेनदेन मूल्य वित्त वर्ष 2025-26 में 314 लाख करोड़ रुपये के पार

यूपीआई लेनदेन मूल्य वित्त वर्ष 2025-26 में 314 लाख करोड़ रुपये के पार
Modified Date: April 30, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: April 30, 2026 10:15 pm IST

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये वित्त वर्ष 2025-26 में लेनदेन मूल्य रिकॉर्ड 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह इसकी शुरुआत के बाद से 4,000 गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाता है।

यूपीआई ने अपने संचालन के 10 साल पूरे कर लिए हैं।

वित्त मंत्रालय के बृहस्पतिवार को जारी बयान के अनुसार, परिचालन के पहले वर्ष (2016-17) में यूपीआई लेनदेन का मूल्य मात्र 0.07 लाख करोड़ रुपये था।

मंत्रालय ने कहा, ‘एक दशक के परिचालन के दौरान यूपीआई ने असाधारण पैमाना और गति प्रदर्शित की है। वार्षिक लेनदेन की मात्रा वित्त वर्ष 2016-17 में मात्र दो करोड़ थी। यह बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ से अधिक हो गई है। यह लेनदेन की मात्रा में लगभग 12,000 गुना का उछाल है।’

बयान के मुताबिक, वर्ष 2025 यूपीआई की वृद्धि यात्रा में एक मील का पत्थर साबित हुआ। अगस्त 2025 में पहली बार मासिक लेनदेन का आंकड़ा 2,000 करोड़ को पार कर गया। वहीं, दिसंबर 2025 में 2,163 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए, जो अब तक का सर्वाधिक मासिक स्तर है।

बयान में कहा गया कि वर्ष 2025 के दौरान यूपीआई ने कुल मिलाकर लगभग 22,000 करोड़ लेनदेन प्रसंस्कृत किए। इसका मतलब है कि प्रतिदिन औसतन लगभग 60 करोड़ लेनदेन हुए।

मंत्रालय ने बताया कि यूपीआई से जुड़ने वाले बैंकों की संख्या भी वित्त वर्ष 2016-17 के 44 बैंकों से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 703 हो गई है। इसमें सार्वजनिक, निजी, लघु वित्त, भुगतान और सहकारी बैंक शामिल हैं।

भाषा योगेश रमण

रमण

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