एआई पारंपरिक आईटी को प्रभावित कर रहा, पर बाजार का आकार कम नहीं होगा : कोफोर्ज सीईओ

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एआई पारंपरिक आईटी को प्रभावित कर रहा, पर बाजार का आकार कम नहीं होगा : कोफोर्ज सीईओ

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  • Publish Date - May 7, 2026 / 05:47 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 05:47 PM IST

नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी कोफोर्ज ने बृहस्पतिवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) को तेजी से अपनाने से पारंपरिक ‘लेबर-एज-ए-डिफॉल्ट’ मॉडल प्रभावित हो रहा है लेकिन इससे आईटी सेवाओं का बाजार छोटा नहीं होगा।

‘लेबर-एज-ए-डिफॉल्ट’ मॉडल का सीधा संदर्भ नवंबर, 2025 में भारत में लागू हुई श्रम संहिताओं के साथ एक ऐसी प्रणाली से है जहां औपचारिक या नियोजित श्रम को मानक मान लिया गया है। यह मॉडल पुराने श्रम कानूनों के ढीले ढांचे से हटकर एक आधुनिक, सुरक्षित एवं डिजिटल-आधारित कामकाजी प्रणाली की ओर बदलाव को दर्शाता है।

कोफोर्ज का जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ दोगुना होकर 612.3 करोड़ रुपये रहा है। राजस्व 30 प्रतिशत बढ़कर 4,450.4 करोड़ रुपये हो गया जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 3,422.2 करोड़ रुपये था।

कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं कार्यकारी निदेशक सुधीर सिंह ने कंपनी के नतीजों का विवरण देते हुए कहा कि एआई को तेजी से अपनाने से प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग में पारंपरिक ‘लेबर-एज-ए-डिफॉल्ट’ मॉडल प्रभावित हो रहा है लेकिन यह उच्च मुनाफे वाले नए बड़े अवसर भी उत्पन्न कर रहा है।

उन्होंने ‘‘कोड की वास्तविक लागत’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि एआई से तैयार कोड बनाना भले सस्ता हो लेकिन उसका रखरखाव, सुरक्षा एवं स्वामित्व महंगा होता है।

सिंह ने कहा, ‘‘ जैसे 20 वर्ष पहले क्लाउड की ओर रुख किया गया था, उसी तरह एजेंट एआई भी बड़े स्तर पर प्रबंधित सेवाओं की एक नई श्रेणी बनाएगा। एक बार ये प्रणाली उत्पादन में आ जाएं तो किसी को मॉडल की निगरानी करनी होगी, एजेंट को पुनः प्रशिक्षित करना होगा तथा संचालन सुनिश्चित करना होगा।’’

उन्होंने कहा कि मांग पक्ष पर व्यापक आर्थिक अनुकूल कारक ‘‘संरचनात्मक एवं स्पष्ट’’ हैं जो अल्पकाल में आधुनिकीकरण की तेज गति तथा मध्यम अवधि में एआई एजेंट की तैनाती की लहर से प्रेरित हैं।

कंपनी ने निवेशकों को प्रस्तुतीकरण में कहा, ‘‘ हालांकि, निवेशक एआई के प्रौद्योगिकी सेवाओं पर प्रभाव को लेकर चिंतित हैं, हमारा मानना है कि एआई उद्योग के लिए तेजी से नए मूल्य अवसर उत्पन्न कर रहा है और 35 प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए 160-180 अरब डॉलर के वर्तमान बाजार अवसर के अगले पांच वर्ष में 800 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।’’

कोफोर्ज ने बताया कि 2025-26 में 55 लाख डॉलर का एआई निवेश किया गया और एआई राजस्व वृद्धि एवं मुनाफे विस्तार दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बनकर उभरा है जो एआई-आधारित राजस्व हिस्सेदारी तथा कुल अनुबंध मूल्य (टीसीवी) बुकिंग में तेज वृद्धि में परिलक्षित होता है।

समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में कोफोर्ज का शुद्ध लाभ लगभग दोगुना होकर 1,555.7 करोड़ रुपये हो गया। इसकी मुख्य वजह मई, 2025 में कोफोर्ज एडवांटेज गो में हिस्सेदारी बिक्री रही।

गत वित्त वर्ष में राजस्व 35.8 प्रतिशत बढ़कर 16,402.7 करोड़ रुपये रहा।

भाषा निहारिका अजय

अजय