अमेरिका-ईरान संघर्ष, कच्चे तेल के दाम तय करेंगे स्थानीय शेयर बाजार की चाल
अमेरिका-ईरान संघर्ष, कच्चे तेल के दाम तय करेंगे स्थानीय शेयर बाजार की चाल
नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर इस सप्ताह भी भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई की चिंता और रुपये में कमजोरी निवेशकों की बेचैनी बढ़ा रही है, जिससे दलाल पथ में भारी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
पिछले सप्ताह भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर से नीचे फिसल गया। रुपये की इस कमजोरी ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में रुपये की चाल बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान संघर्ष और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर पर बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई और वैश्विक जोखिम धारणा में होने वाले बदलाव का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा बाजार और रुपये में उतार-चढ़ाव निकट भविष्य में बाजार की चाल तय करेंगे।
वहीं एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर का कहना है कि बाजार में इस समय काफी उतार-चढ़ाव है। अमेरिका-ईरान विवाद से जुड़ी हर नई जानकारी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी किसी भी घटना पर वैश्विक बाजारों की नजर रहेगी, क्योंकि यह दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यदि कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने की दिशा में कोई सकारात्मक संकेत मिलता है तो बाजार में तेजी लौट सकती है। वहीं तनाव बढ़ने या तेल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में शेयर बाजार, मुद्रा बाजार और जिंस बाजारों में भारी दबाव देखने को मिल सकता है।’’
इस बीच, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंता और गहरा दी है।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि इस सप्ताह निवेशकों की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ-साथ चीन, अमेरिका और भारत से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भी रहेगी। इसके अलावा फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक का ब्योरा भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर भी विभिन्न शेयरों पर दिखाई देगा। इस सप्ताह इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल), गेल और एनटीपीसी जैसी बड़ी कंपनियां अपने वित्तीय परिणाम घोषित करेंगी।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। बीएसई सेंसेक्स 2,090.20 अंक यानी 2.7 प्रतिशत टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 532.65 अंक यानी 2.2 प्रतिशत लुढ़क गया।
भाषा अजय अजय
अजय

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