अमेरिका-ईरान तनाव, तेल कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा: विश्लेषक
अमेरिका-ईरान तनाव, तेल कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा: विश्लेषक
नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) इस सप्ताह स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा तय करने में अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे प्रमुख भूमिका निभाएंगे। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।
उन्होंने बताया कि विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री गतिविधियां भी बाजार के रुख को प्रभावित करेंगी।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर खास नजर बनी रहेगी, क्योंकि इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा पर पड़ता है।
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को जनवरी- मार्च तिमाही के परिणामों की घोषणा की।
एचडीएफसी बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 8.04 प्रतिशत बढ़कर 20,350.76 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, बैंक ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण छोटे कारोबारियों के लिए निकट भविष्य में जोखिम की चेतावनी भी दी।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि आने वाले सप्ताह में बड़ी संख्या में कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
पिछले सप्ताह, बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 943.29 अंक या 1.21 प्रतिशत बढ़ा, और एनएसई का निफ्टी 302.95 अंक या 1.25 प्रतिशत चढ़ा।
एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि निवेशकों का ध्यान अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा पर रहेगा और वे अल्पकालिक खबरों के बजाय किसी स्थायी समाधान के संकेतों को अधिक महत्व देंगे, क्योंकि इसका असर वैश्विक निवेश, पूंजी प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार स्थिरता या और कमी शेयर बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है और इससे वृहद आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिल सकता है।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही काफी हद तक रोक दी थी, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
भाषा योगेश अजय
अजय

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