चेन्नई, सात सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के विभिन्न विभागों का कुल 49,756 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है। इसमें बड़ा कर बकाया और वसूली नहीं किया गया यातायात जुर्माना शामिल है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने यह जानकारी दी।
राज्य विधानसभा में मंगलवार को पेश कैग की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च, 2024 को समाप्त अवधि के लिए राज्य राजस्व पर अनुपालन ऑडिट किया गया। इस ऑडिट से राजस्व वसूली व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं।
रिपोर्ट में कहा गया कि विभिन्न प्रमुख मदों के तहत कुल राजस्व बकाया 49,756.18 करोड़ रुपये था। इसमें से 24,643.69 करोड़ रुपये यानी आधे से अधिक राशि पांच साल से भी अधिक समय से लंबित है।
परिवहन और पुलिस विभाग बड़ी बकाया राशि की वसूली नहीं कर सके हैं।
कैग ने कहा कि ऑडिट में जुर्माना लागू करने और मोटर वाहन कर की वसूली में खामियां सामने आईं। परिवहन विभाग में 237 बड़े कर बकायेदारों पर कुल 68.45 करोड़ रुपये बकाया था। इसके बावजूद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) ने इनमें से 195 बड़े बकायेदारों को ‘ब्लैकलिस्ट’ नहीं किया।
रिपोर्ट में कहा गया कि राज्य की ई-चालान व्यवस्था यातायात जुर्माने की प्रभावी वसूली सुनिश्चित नहीं कर पाई। पुलिस विभाग की ओर से जारी 1,299.72 करोड़ रुपये के यातायात जुर्माने की राशि अब भी वसूली के लिए लंबित है।
कैग ने कहा कि सख्त अमल के बिना कर और जुर्माना व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकती।
इसने राज्य सरकार से लंबित बकाया राशि की वसूली को प्राथमिकता देने की अपील की।
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यासिर अजय
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