वोडाफोन-आइडिया पुनर्मूल्यांकन के बाद एजीआर बकाया भुगतान 10 साल बाद करेगी शुरू
वोडाफोन-आइडिया पुनर्मूल्यांकन के बाद एजीआर बकाया भुगतान 10 साल बाद करेगी शुरू
नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) संकटग्रस्त दूरसंचार कंपनी वोडाफोन-आइडिया को अपने पुनर्मूल्यांकन के बाद मार्च 2036 से दूरसंचार सेवा राजस्व से सरकार के पिछले बकाया का भुगतान शुरू करना होगा। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में यह जानकारी दी।
सरकार ने वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) के 87,695 करोड़ रुपये के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया पर रोक लगाने पर सहमति जतायी है जिसे संकटग्रस्त कंपनी को वित्त वर्ष से 2031-32 से 2040-41 तक चुकाना होगा।
वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने कहा कि उसे दूरसंचार विभाग से एक पत्र मिला है जिसमें समायोजित सकल राजस्व (दूरसंचार सेवाओं की बिक्री से अर्जित राजस्व) के मामले में कर्ज में डूबी कंपनियों को दी जाने वाली राहत का विवरण दिया गया है।
कंपनी सूचना के अनुसार, ‘‘ दूरसंचार विभाग, एजीआर बकाया राशि का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए एक समिति का गठन करेगा जिसका निर्णय अंतिम होगा। इसके बाद, पुनर्मूल्यांकित राशि का भुगतान मार्च 2036 और मार्च 2041 के बीच समान वार्षिक किस्तों में किया जाएगा।’’
वीआई ने कहा कि वर्ष 2006-07 से 2018-19 की अवधि के लिए कंपनी के एजीआर बकाया (जिसमें मूलधन, ब्याज एवं जुर्माने साथ ही जुर्माने पर ब्याज भी शामिल है) को रोक दिया गया है।
कंपनी को दी गई राहत के अनुसार, उसे मार्च 2026 से मार्च 2031 तक अगले छह वर्ष में अधिकतम 124 करोड़ रुपये प्रति वर्ष और मार्च 2032 से मार्च 2035 तक चार वर्ष में प्रति वर्ष 100 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
इसमें कहा गया, ‘‘ एजीआर की बकाया राशि का भुगतान छह वर्ष में, यानी मार्च 2036 से मार्च 2041 तक, वार्षिक रूप से समान किस्तों में किया जाना है। ’’
इन कदमों से दूरसंचार कंपनी में करीब 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली सरकार के हितों की रक्षा होगी। साथ ही स्पेक्ट्रम नीलामी शुल्क और एजीआर बकाया के रूप में केंद्र को देय राशि का व्यवस्थित भुगतान सुनिश्चित होगा। इसके अलावा, वीआईएल इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा में बनी रहेगी और उसके 20 करोड़ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होगी।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा

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