पश्चिम एशिया संकट से पैदा हो रहा भारी दबाव, ऊर्जा लागत कम करने की जरूरत: सुनील मित्तल

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पश्चिम एशिया संकट से पैदा हो रहा भारी दबाव, ऊर्जा लागत कम करने की जरूरत: सुनील मित्तल

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 06:04 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 06:04 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया का संकट भारी दबाव पैदा कर रहा है। उन्होंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि वे ऊर्जा लागत को कम करने और सोने के आयात के जुनून से दूर रहने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुझाव का पालन करें।

मित्तल ने सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में कहा कि देश में अधिक निवेश करने और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कठिन समय है। एक देश के रूप में हम शानदार गति से आगे बढ़ रहे हैं और सालाना 6-7 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहे हैं। आमतौर पर चीजें बहुत अच्छी दिख रही हैं, लेकिन कुछ ऐसी स्थितियां बन जाती हैं जो किसी के नियंत्रण में नहीं होतीं। पश्चिम एशिया में मौजूदा समस्या वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर भारी दबाव पैदा कर रही है और भारत भी इससे अलग नहीं है।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़े युद्ध से उभरने वाली चुनौतियों पर काबू पाने के लिए नागरिकों से कुछ उपायों का आह्वान किया था। उन्होंने ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग और विदेशी मुद्रा बचाने सहित कई सुझाव दिए थे।

मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश बहुत गहरा है और उद्योग जगत को अपनी भूमिका निभाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उन कठिनाइयों से नहीं बच सकते, जिनका दुनिया इस समय आर्थिक रूप से सामना कर रही है। हमें सोने के आयात के जुनून से दूर होना होगा। हमें अपनी ऊर्जा लागत कम करनी होगी और अपने उद्योग में नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ना होगा।’’

मित्तल ने देश के भीतर निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया, ‘‘मेरी अपनी कंपनी एयरटेल ने 2024-25 में पूंजीगत व्यय में लगभग 31,000 करोड़ रुपये खर्च किए। यदि मैं टावर सहायक कंपनी को भी शामिल करूं, तो यह राशि 7,000 करोड़ रुपये और बढ़ जाती है। वित्त वर्ष 2025-26 के निवेश और भी अधिक रहा, जिनके नतीजे अगले दो-तीन दिन में घोषित किए जाएंगे। यह पीछे हटने का नहीं, बल्कि अपने देश में निवेश को दोगुना करने का समय है।’’

मित्तल ने उद्योग जगत के सहयोगियों से देश की बड़ी और युवा आबादी को भारत में बने उत्पाद और सेवाएं प्रदान करने की अपील की।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय